न्यू मंगलौर पोर्ट अथॉरिटी (NMPA) ने M11 एनर्जी ट्रांजिशन प्राइवेट लिमिटेड को उसकी उत्कृष्ट निर्यात उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया है। कंपनी का पाडुबिद्री स्थित प्लांट कचरे से ईंधन बनाने की दिशा में एक मिसाल पेश कर रहा है।

  • M11 एनर्जी ट्रांजिशन को NMPA द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शीर्ष बायोफ्यूल निर्यातक घोषित किया गया।
  • कंपनी पाडुबिद्री (उडुपी) में इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल (UCO) को बायोडीजल में परिवर्तित करती है।
  • कंपनी अब सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) के क्षेत्र में विस्तार की योजना बना रही है।

न्यू मंगलौर पोर्ट अथॉरिटी (NMPA) ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की अग्रणी कंपनी M11 एनर्जी ट्रांजिशन प्राइवेट लिमिटेड को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बायोफ्यूल के शीर्ष निर्यातक के रूप में मान्यता दी है। यह सम्मान कंपनी द्वारा बायोफ्यूल निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करता है।

M11 एनर्जी का मुख्य परिचालन उडुपी जिले के पाडुबिद्री में स्थित एक विशाल एकीकृत बायोडीजल सुविधा के माध्यम से होता है। यह संयंत्र 'सर्कुलर इकोनॉमी' (Circular Economy) के मॉडल पर आधारित है, जहाँ इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल (Used Cooking Oil) को उच्च गुणवत्ता वाले बायोडीजल में परिवर्तित किया जाता है। यह प्रक्रिया न केवल अपशिष्ट प्रबंधन में मदद करती है, बल्कि पारंपरिक जीवाश्म ईंधन का एक टिकाऊ विकल्प भी प्रदान करती है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि तटीय कर्नाटक अब नवीकरणीय ऊर्जा, विनिर्माण और स्वच्छ ईंधन आपूर्ति श्रृंखलाओं के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। M11 एनर्जी जैसी कंपनियों की सफलता यह दर्शाती है कि भारत वैश्विक स्तर पर हरित ऊर्जा निर्यात में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। यह न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है, बल्कि भारत के नेट-जीरो लक्ष्यों की प्राप्ति में भी सहायक है।

बायोफ्यूल का निर्यात न केवल विदेशी मुद्रा अर्जित करने का साधन है, बल्कि यह वैश्विक कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

कंपनी के निदेशक मन्नान खान ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा कि यह मान्यता कंपनी के विजन को और मजबूती प्रदान करती है। उन्होंने आगे बताया कि M11 एनर्जी केवल बायोडीजल तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि कंपनी अब सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) के अवसरों की तलाश कर रही है, जो विमानन क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए अगली पीढ़ी का ईंधन माना जाता है।

ऐतिहासिक रूप से, भारत ने अपनी ऊर्जा निर्भरता को कम करने के लिए राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति (National Policy on Biofuels) लागू की है। M11 एनर्जी का मॉडल इस नीति के अनुरूप है, जो कृषि और शहरी अपशिष्ट को ऊर्जा में बदलने पर जोर देता है।

क्या आप जानते हैं?: इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल से बना बायोडीजल, सामान्य डीजल की तुलना में काफी कम ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन करता है और इंजन के लिए सुरक्षित होता है।

Frequently Asked Questions

1. M11 एनर्जी का प्लांट कहाँ स्थित है?
M11 एनर्जी का एकीकृत बायोडीजल प्लांट कर्नाटक के उडुपी जिले के पाडुबिद्री में स्थित है।

2. सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) क्या है?
यह एक ऐसा स्वच्छ ईंधन है जो विमानों के लिए उपयोग किया जाता है और पारंपरिक जेट ईंधन की तुलना में कार्बन उत्सर्जन को काफी कम करता है।