मोलबायो डायग्नोस्टिक्स के शेयरों ने शेयर बाजार की कमजोरी को नजरअंदाज करते हुए 21.44% के प्रीमियम के साथ अपनी धमाकेदार शुरुआत की है। ₹807 के इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर ₹980 पर लिस्ट हुए।
- मोलबायो डायग्नोस्टिक्स ₹980 पर लिस्ट हुआ, जो इश्यू प्राइस से 21.44% अधिक है।
- आईपीओ को कुल 70 गुना से अधिक सब्सक्राइब किया गया था।
- कंपनी आरएंडडी (R&D) और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के लिए फंड का उपयोग करेगी।
सोमवार, 17 अगस्त को मोलबायो डायग्नोस्टिक्स (Molbio Diagnostics) के शेयरों ने भारतीय शेयर बाजार (BSE और NSE) में एक प्रभावशाली शुरुआत की। बाजार में छाई मंदी और कमजोर सेंटिमेंट के बावजूद, कंपनी के शेयर ₹807 के इश्यू प्राइस से 21.44% ऊपर ₹980 पर लिस्ट हुए। हालांकि, लिस्टिंग के तुरंत बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली (Profit Booking) देखी गई, जिसके कारण शेयर की कीमत गिरकर BSE पर ₹925.80 और NSE पर ₹926.35 के स्तर पर आ गई।
यह लिस्टिंग ग्रे मार्केट के अनुमानों से भी बेहतर रही। सोमवार सुबह तक ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹120 था, जिससे संकेत मिल रहा था कि शेयर लगभग 15% प्रीमियम यानी ₹927 के आसपास लिस्ट हो सकता है, लेकिन वास्तविक लिस्टिंग ने बाजार की उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया।
आईपीओ की विस्तृत संरचना
मोलबायो डायग्नोस्टिक्स का आईपीओ ताज़ा इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) का मिश्रण था। कंपनी ने 24,80,246 नए शेयरों के माध्यम से ₹200 करोड़ जुटाए, जबकि 91,66,000 शेयरों की बिक्री (OFS) के जरिए ₹739.70 करोड़ जुटाए गए।
| विवरण | मूल्य/संख्या |
|---|---|
| इश्यू प्राइस (Issue Price) | ₹807 |
| लिस्टिंग प्राइस (Listing Price) | ₹980 |
| कुल सब्सक्रिप्शन | 70x+ |
| रिटेल सब्सक्रिप्शन | 13x |
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, स्वास्थ्य सेवा (Healthcare) और डायग्नोस्टिक्स क्षेत्र में इस तरह की मजबूत लिस्टिंग यह दर्शाती है कि निवेशक अभी भी उच्च विकास क्षमता वाली 'पॉइंट-ऑफ-केयर' (POC) तकनीकों पर भरोसा कर रहे हैं। मोलबायो की राजस्व वृद्धि, जो FY24 में ₹836.56 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹1,445.69 करोड़ हो गई, इसकी वित्तीय मजबूती को प्रमाणित करती है।
"बाजार की अस्थिरता के बीच मोलबायो की प्रीमियम लिस्टिंग कंपनी के मजबूत फंडामेंटल्स और डायग्नोस्टिक सेक्टर में इसकी अग्रणी स्थिति को दर्शाती है।"
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ताज़ा इश्यू से प्राप्त राशि का उपयोग उसकी सहायक कंपनी Bigtec के माध्यम से अनुसंधान और विकास (R&D) सुविधा और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, गोवा और विशाखापत्तनम इकाइयों में नई मशीनरी और उपकरणों की खरीद पर भी निवेश किया जाएगा।
इस आईपीओ के बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स में कोटक महिंद्रा कैपिटल, IIFL कैपिटल सर्विसेज, जेफरीज इंडिया और मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स शामिल थे, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया था।
Frequently Asked Questions
1. मोलबायो डायग्नोस्टिक्स का लिस्टिंग प्राइस क्या था?
शेयर BSE और NSE दोनों पर ₹980 पर लिस्ट हुआ, जो इश्यू प्राइस से 21.44% अधिक था।
2. कंपनी आईपीओ से जुटाए गए फंड का उपयोग कैसे करेगी?
कंपनी इसका उपयोग R&D सुविधा, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना और गोवा व विशाखापत्तनम संयंत्रों में मशीनरी की खरीद के लिए करेगी।