मीडिया दिग्गज डिज़्नी ने अमेरिकी नियामक FCC के खिलाफ कानूनी लड़ाई छेड़ दी है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि ABC स्टेशनों के लाइसेंस नवीनीकरण को राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
- डिज़्नी ने ABC के आठ स्टेशनों के लाइसेंस नवीनीकरण को समय से पहले करने के FCC के फैसले को चुनौती दी है।
- कंपनी ने आरोप लगाया है कि यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा की जा रही राजनीतिक धमकी है।
- मुकदमे में ट्रंप के उन सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला दिया गया है जिनमें ABC के लाइसेंस रद्द करने की बात कही गई थी।
मीडिया जगत में एक बड़ा कानूनी युद्ध छिड़ गया है। द वॉल्ट डिज़्नी कंपनी ने वाशिंगटन डीसी की एक संघीय अदालत में फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। डिज़्नी का दावा है कि FCC द्वारा ABC के स्वामित्व वाले आठ प्रमुख स्टेशनों के लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया को समय से पहले शुरू करना, वास्तव में एक राजनीतिक प्रतिशोध है।
अप्रैल में, FCC ने न्यूयॉर्क और लॉस एंजिल्स सहित विभिन्न शहरों में स्थित ABC के संबद्ध स्टेशनों को अपने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए समय से पहले आवेदन करने का आदेश दिया था। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से छह स्टेशनों का वर्तमान कार्यकाल अभी आधा भी पूरा नहीं हुआ है। उदाहरण के तौर पर, उत्तरी कैरोलिना के डर्हम में स्थित WTVD स्टेशन का लाइसेंस 2028 में समाप्त होना है, फिर भी उसे समय से पहले प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल लाइसेंस नवीनीकरण का नहीं, बल्कि अमेरिकी मीडिया की स्वतंत्रता और नियामक संस्थाओं की निष्पक्षता का है। यदि एक सरकारी नियामक राजनीतिक दबाव में आकर मीडिया संस्थानों के लाइसेंस को चुनौती देता है, तो यह वैश्विक स्तर पर प्रेस की स्वतंत्रता के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम कर सकता है।
यह मामला पत्रकारिता के खिलाफ डराने-धमकाने के अभियान और राजनीतिक सत्ता द्वारा मीडिया नियंत्रण के प्रयासों का एक स्पष्ट उदाहरण है।
डिज़्नी द्वारा दायर 46 पन्नों की शिकायत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'ट्रुथ सोशल' पोस्ट का उल्लेख किया गया है। इन पोस्ट में ट्रंप ने ABC की कवरेज को 'अनुचित' बताते हुए नेटवर्क के लाइसेंस छीनने की धमकी दी थी। डिज़्नी का तर्क है कि प्रशासन लगातार ABC की पत्रकारिता और उसके दृष्टिकोण पर हमला कर रहा है।
दूसरी ओर, FCC ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि लाइसेंस नवीनीकरण का निर्णय डिज़्नी की विविधता, समानता और समावेशन (DEI) प्रथाओं और ABC के टॉक शो 'द व्यू' की जांच से संबंधित है। FCC के अध्यक्ष ब्रेंडन कार ने भी पहले चेतावनी दी थी कि 'फेक न्यूज' प्रसारित करने वाले स्टेशनों के लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं।
इस कानूनी संघर्ष के बीच, डिज़्नी के शेयरों में 1.1 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है, जो निवेशकों के इस कदम पर भरोसे को दर्शाता है। फ्रीडम ऑफ द प्रेस फाउंडेशन जैसे नागरिक अधिकार समूहों ने डिज़्नी के इस कदम का समर्थन किया है, इसे सेंसरशिप के खिलाफ एक महत्वपूर्ण लड़ाई बताया है।
Frequently Asked Questions
1. डिज़्नी ने FCC पर क्या आरोप लगाया है?
डिज़्नी का आरोप है कि FCC राजनीतिक कारणों से ABC स्टेशनों के लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया को अनुचित रूप से तेज कर रहा है।
2. क्या इस मुकदमे का डिज़्नी के स्टॉक पर असर पड़ा?
हाँ, मुकदमे की खबर के बाद डिज़्नी के शेयरों में 1.1% की बढ़त दर्ज की गई।