वित्तीय वर्ष 2024-25 के ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, पीएम केयर्स फंड में घरेलू दान 30% घटकर ₹479 करोड़ रह गया है, जबकि विदेशी योगदान में भी बड़ी गिरावट देखी गई है।
- घरेलू दान में 30% की गिरावट आई है, जो अब ₹479 करोड़ पर है।
- विदेशी योगदान गिरकर मात्र ₹92.8 लाख रह गया है।
- फंड का कुल बैलेंस ₹8,452 करोड़ तक पहुंच गया है।
- PM CARES for Children स्कीम पर खर्च में भारी कमी आई है।
प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपातकालीन राहत (PM CARES Fund) के नवीनतम ऑडिट आंकड़ों ने देश के वित्तीय परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दिया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान, फंड में प्राप्त होने वाले घरेलू दान में 30% की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष के ₹681.8 करोड़ से घटकर अब लगभग ₹479 करोड़ रह गया है।
केवल घरेलू दान ही नहीं, बल्कि विदेशी योगदान में भी चिंताजनक गिरावट देखी गई है। विदेशी दान में 18% की कमी आई है, जो अब मात्र ₹92.8 लाख रह गया है। यदि हम ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें, तो 2020-21 में विदेशी योगदान ₹495 करोड़ के शिखर पर था, जो अब अपने न्यूनतम स्तरों में से एक पर है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि दान में यह कमी महामारी के बाद की बदलती आर्थिक प्राथमिकताओं और सार्वजनिक धारणा को दर्शाती है। जहाँ कोविड-19 के दौरान लोग आपातकालीन राहत के लिए इस फंड की ओर देखते थे, वहीं अब दान का स्वरूप और वितरण बदल रहा है।
दान में यह गिरावट महामारी के बाद की 'संकट राहत' की समाप्ति और फंड की पारदर्शिता को लेकर उठते सवालों का परिणाम हो सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च 2025 तक पीएम केयर्स फंड का कुल बैलेंस ₹8,452 करोड़ था। इस राशि का एक बड़ा हिस्सा (₹7,846 करोड़) फिक्स्ड डिपॉजिट में रखा गया है, जबकि ₹605 करोड़ बचत खातों में हैं। यह दर्शाता है कि फंड के पास पर्याप्त नकदी भंडार है, भले ही नए दान कम हो रहे हों।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
PM CARES Fund की स्थापना केंद्र सरकार द्वारा किसी भी आपातकालीन या संकट की स्थिति (जैसे कोविड महामारी) से निपटने के लिए की गई थी। इसे एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत किया गया है। प्रधानमंत्री इसके पदेन अध्यक्ष हैं और यह फंड पूरी तरह से स्वैच्छिक योगदान पर निर्भर है, इसे सरकार से कोई बजटीय सहायता नहीं मिलती है।
महामारी के चरम के दौरान, इस फंड का उपयोग ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने और अस्पतालों के लिए वेंटिलेटर खरीदने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए किया गया था। उदाहरण के लिए, 2021-22 में ऑक्सीजन प्लांट और वेंटिलेटर पर लगभग ₹1,938 करोड़ खर्च किए गए थे।
Frequently Asked Questions
1. क्या पीएम केयर्स फंड को सरकार से पैसा मिलता है?
नहीं, यह फंड पूरी तरह से स्वैच्छिक दान पर आधारित है और इसे सरकारी बजट से कोई सहायता नहीं मिलती है।
2. दान में कमी का मुख्य कारण क्या हो सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि महामारी के बाद आपातकालीन स्थिति का टलना और फंड की पारदर्शिता पर चर्चा इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं।