महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के स्थान पर लागू किए गए नए VB-G RAM G मिशन ने ग्रामीण रोजगार के आंकड़ों में भारी गिरावट दर्ज की है। नए नियमों और संक्रमण काल के कारण भारत के सबसे गरीब राज्यों में काम की उपलब्धता लगभग शून्य हो गई है।
- VB-G RAM G के लागू होने के बाद जुलाई 2026 में रोजगार सृजन में 40% से 50% तक की गिरावट देखी गई है।
- मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और झारखंड जैसे बड़े और गरीब राज्यों में रोजगार लगभग ठप हो गया है।
- बजट में 70% की वृद्धि के बावजूद, ग्रामीण श्रमिकों को काम मिलने में भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है।
भारत के ग्रामीण श्रम बाजार में एक गहरा संकट उभर रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को विस्तार देने के नाम पर पेश किया गया VB-G RAM G (Viksit Bharat–Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission) मिशन, वास्तव में रोजगार गारंटी को पटरी से उतारता नजर आ रहा है। आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में रोजगार सृजन में पिछले वर्ष की तुलना में भारी गिरावट आई है, जो नीतिगत बदलावों की विफलता को दर्शाती है।
क्यों पड़ी यह गिरावट?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट केवल कुछ राज्यों द्वारा कार्यक्रम को निलंबित करने का परिणाम नहीं है, बल्कि यह एक व्यवस्थित विफलता है। मंत्रालय का तर्क है कि कुछ राज्यों ने धारा 6 के तहत काम रोका है, लेकिन BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि उन राज्यों को हटाने के बाद भी गिरावट का प्रतिशत लगभग समान ही रहता है। यह संकट अप्रैल 2026 से ही शुरू हो गया था जब नए नियमों के निर्माण में देरी के कारण संक्रमण काल में भारी भ्रम की स्थिति बनी रही।
ग्रामीण श्रमिकों के लिए रोजगार का अधिकार अब एक अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है, जहाँ नीतिगत बदलावों ने जमीनी हकीकत को बिगाड़ दिया है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों (अप्रैल-जुलाई) में रोजगार सृजन में पिछले दो वर्षों के औसत की तुलना में 43% की कमी आई है। जहां पहले इन महीनों में साल भर के रोजगार का लगभग 50% हिस्सा पूरा हो जाता था, वहीं अब स्थिति इसके विपरीत है।
राज्यों के बीच तुलनात्मक स्थिति
रोजगार में गिरावट पूरे देश में एक समान नहीं है। कुछ राज्यों ने बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि अन्य पूरी तरह से चरमरा गए हैं।
| राज्य का प्रकार | प्रभावित राज्य | रोजगार में गिरावट का स्तर |
|---|---|---|
| सबसे अधिक प्रभावित | मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड | 60% से 85% तक |
| मध्यम प्रभावित | प्रमुख उत्तर भारतीय राज्य | 40% से अधिक |
| कम प्रभावित | आंध्र प्रदेश, असम, तेलंगाना | न्यूनतम गिरावट |
हैरानी की बात यह है कि केंद्र सरकार ने VB-G RAM G के लिए बजट में भारी वृद्धि की है। 2026-27 के बजट में आवंटन ₹95,692 करोड़ है, जो राज्य के योगदान को मिलाकर लगभग ₹1.5 लाख करोड़ तक पहुँचने का अनुमान था। बजट में 70% की इस वृद्धि के बावजूद, रोजगार सृजन में इतनी बड़ी गिरावट नीतिगत क्रियान्वयन की गंभीर खामियों को उजागर करती है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
MGNREGA को भारत के ग्रामीण विकास के आधार स्तंभ के रूप में देखा जाता रहा है। इसे 'काम के अधिकार' को कानूनी रूप देने के लिए बनाया गया था। हालांकि, VB-G RAM G के रूप में इसके नए स्वरूप ने मांग-आधारित योजना को आपूर्ति-आधारित योजना में बदलने का जोखिम पैदा कर दिया है, जिससे श्रमिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
Frequently Asked Questions
1. VB-G RAM G क्या है?
यह MGNREGA का नया उत्तराधिकारी मिशन है जिसे 'विकसित भारत' के लक्ष्य के तहत पेश किया गया है।
2. रोजगार में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
नियमों के कार्यान्वयन में देरी, प्रशासनिक भ्रम और मांग-आधारित मॉडल का आपूर्ति-आधारित मॉडल में बदलना इसके मुख्य कारण माने जा रहे हैं।