इन्डी-डीड (Indeed) के एक ताजा सर्वेक्षण से पता चला है कि लगभग 60% भारतीय पेशेवरों का मानना है कि उनका पद उनके वेतन से मेल नहीं खाता, जिससे कंपनियों द्वारा वेतन बढ़ाए बिना केवल पद बढ़ाने की प्रवृत्ति उजागर हुई है।
- लगभग 60% भारतीय पेशेवरों का कहना है कि उनका पद उनके मुआवजे (Compensation) को नहीं दर्शाता है।
- करीब 80% कर्मचारियों का मानना है कि 'टाइटल इन्फ्लेशन' (पद का बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना) अब एक आम चलन बन गया है।
- पिछले दो वर्षों में पदोन्नति पाने वाले हर तीन में से एक पेशेवर ने कहा कि उन्हें या तो कोई वेतन वृद्धि नहीं मिली या यह 5% से कम थी।
- 57% नियोक्ताओं ने स्वीकार किया कि वे प्रतिभाओं को आकर्षित करने और रोकने के लिए वरिष्ठ दिखने वाले पदों का उपयोग करते हैं।
कॉर्पोरेट जगत में पहचान और पुरस्कार के बीच का अंतर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। ग्लोबल हायरिंग प्लेटफॉर्म Indeed के नवीनतम त्रैमासिक हायरिंग ट्रैकर के अनुसार, भारत के कार्यस्थलों पर 'पद और वेतन' के बीच एक बड़ा डिस्कनेक्ट देखा गया है। इसे 'टाइटल इन्फ्लेशन' कहा जा रहा है, जहाँ कर्मचारियों को बिना वेतन वृद्धि के भारी-भरकम पद दे दिए जाते हैं।
Valuvox द्वारा Indeed की ओर से किए गए इस सर्वेक्षण में टियर 1, 2, 3 शहरों और ग्रामीण भारत के 1,211 नियोक्ताओं और 2,533 कर्मचारियों को शामिल किया गया। परिणामों से पता चलता है कि लगभग 80% पेशेवर मानते हैं कि यह प्रथा अब लगभग हर उद्योग में आम हो गई है।
पद की प्रतिष्ठा बनाम बैंक बैलेंस
दिलचस्प बात यह है कि वित्तीय निराशा के बावजूद, पेशेवर पदों को पूरी तरह से खारिज नहीं कर रहे हैं। लगभग 70% का मानना है कि उनका पद भविष्य के करियर के अवसरों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जबकि 73% महसूस करते हैं कि एक प्रभावशाली पद संभावित नियोक्ताओं की नजर में उनकी छवि को बेहतर बनाता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि कंपनियां पदों का उपयोग एक 'गैर-मौद्रिक मुद्रा' (non-monetary currency) के रूप में कर रही हैं। जब वेतन बजट सीमित होता है, तो एचआर विभाग कर्मचारियों को संतुष्ट रखने के लिए उन्हें वरिष्ठ पद दे देते हैं। हालांकि, यह रणनीति अब विफल हो रही है क्योंकि 52% पेशेवर अब स्पष्ट रूप से कहते हैं कि वे नए अवसर तलाशते समय बेहतर पद के बजाय अधिक वेतन को प्राथमिकता देंगे।
"जॉब टाइटल ने हमेशा पेशेवर पहचान दी है। पद सार्थक रहते हैं क्योंकि वे अवसर और क्षमता का संकेत देते हैं, लेकिन वे तब सबसे प्रभावी होते हैं जब वे वास्तविक करियर प्रगति को दर्शाते हैं, न कि उसके विकल्प के रूप में उपयोग किए जाते हैं।" — शशि कुमार, मैनेजिंग डायरेक्टर, Indeed इंडिया।
कॉर्पोरेट रणनीति बनाम कर्मचारी अपेक्षा
नियोक्ताओं के नजरिए से, यह एक रणनीतिक उपकरण है। लगभग 57% नियोक्ताओं ने कहा कि उनकी संस्थाएं प्रतिभाओं को रोकने के लिए 'सीनियर-साउंडिंग' पदों का उपयोग करती हैं। उनका तर्क है कि बाजार की बदलती उम्मीदों और संगठनात्मक संरचनाओं के कारण ऐसा करना आवश्यक हो गया है। लेकिन कर्मचारी अभी भी करियर की प्रगति को वित्तीय उन्नति से जोड़कर देखते हैं।
| दृष्टिकोण | पदों पर विचार | मुख्य लक्ष्य |
|---|---|---|
| कर्मचारी | भविष्य के अवसरों के लिए एक माध्यम। | वित्तीय वृद्धि और उचित वेतन। |
| नियोक्ता | प्रतिभा को आकर्षित करने का रणनीतिक उपकरण। | बजट सीमा के भीतर टैलेंट मैनेजमेंट। |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: 'टाइटल इन्फ्लेशन' क्या है?
यह वह स्थिति है जब कोई कंपनी कर्मचारी को बिना वेतन या जिम्मेदारी बढ़ाए एक वरिष्ठ स्तर का पद (Designation) दे देती है।
प्रश्न 2: क्या बेहतर पद नई नौकरी खोजने में मदद करते हैं?
हाँ, सर्वेक्षण के अनुसार, 70% से अधिक पेशेवर मानते हैं कि एक प्रभावशाली पद संभावित नियोक्ताओं के बीच उनकी वैल्यू बढ़ाता है।