पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने स्पष्ट किया है कि रेजिलिएंट एसेट मैनेजमेंट द्वारा 4.98% हिस्सेदारी की बिक्री से उन्हें कोई वित्तीय लाभ नहीं होगा, क्योंकि इसका पूरा मूल्य एक पुराने समझौते के तहत एंटफिन को जाएगा।

  • विजय शेखर शर्मा की One97 कम्युनिकेशंस में सीधी 9% हिस्सेदारी अपरिवर्तित रहेगी।
  • रेजिलिएंट एसेट मैनेजमेंट BV द्वारा 4.98% हिस्सेदारी की बिक्री का लाभ एंटफिन को मिलेगा।
  • यह लेनदेन अगस्त 2023 के 'ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर' (OCD) समझौते का हिस्सा है।
  • पेटीएम ने FY26 में ₹552 करोड़ के टैक्स के बाद लाभ के साथ पहली बार पूर्ण वर्ष की लाभप्रदता दर्ज की है।

One97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड (Paytm) की स्वामित्व संरचना को लेकर एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण सामने आया है। कंपनी के संस्थापक और सीईओ विजय शेखर शर्मा को रेजिलिएंट एसेट मैनेजमेंट BV द्वारा कंपनी में 4.98% हिस्सेदारी की प्रस्तावित बिक्री से कोई व्यक्तिगत वित्तीय लाभ नहीं होगा। इस बिक्री से प्राप्त होने वाली पूरी राशि एंटफिन (Antfin) को जाएगी।

17 अगस्त, 2026 की शाम को एक्सचेंज फाइलिंग में पेटीएम ने बताया कि शर्मा की कंपनी में लगभग 9% की सीधी हिस्सेदारी में कोई बदलाव नहीं होगा। यह कदम कंपनी के दीर्घकालिक विजन के प्रति संस्थापक की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

सौदे की बारीकियां

यह प्रस्तावित ब्लॉक मार्केट ट्रेड किसी साधारण विनिवेश का हिस्सा नहीं है, बल्कि एक मौजूदा ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर (OCD) समझौते का निष्पादन है। अगस्त 2023 में, रेजिलिएंट ने एंटफिन से पेटीएम की लगभग 10.2% इक्विटी खरीदी थी, जिसके बदले में रेजिलिएंट ने एंटफिन को OCD जारी किए थे। इस व्यवस्था के तहत, कानूनी और वोटिंग अधिकार रेजिलिएंट के पास थे, लेकिन आर्थिक हित एंटफिन के पास सुरक्षित थे।

वोटिंग अधिकारों को आर्थिक हितों से अलग करना एक जटिल कॉर्पोरेट रणनीति है, जिसका उपयोग अक्सर शासन को स्थिर रखने और शुरुआती निवेशकों के वित्तीय दायित्वों को पूरा करने के लिए किया जाता है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह लेनदेन कैप टेबल को व्यवस्थित करने और एंटफिन जैसी चीनी संस्थाओं के साथ पुराने दायित्वों को निपटाने के लिए महत्वपूर्ण है। संस्थापक की सीधी हिस्सेदारी को अपरिवर्तित रखकर, पेटीएम निवेशकों के भरोसे को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब बाजार में पेटीएम को लेकर सकारात्मक माहौल है। ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन (Bernstein) ने हाल ही में पेटीएम के लिए अपना टारगेट प्राइस ₹1,500 से बढ़ाकर ₹2,200 कर दिया है। यह 2021 में लिस्टिंग के बाद पहली बार है जब किसी ब्रोकरेज ने पेटीएम के ₹2,150 के आईपीओ मूल्य से ऊपर का लक्ष्य रखा है।

इसके अलावा, कंपनी की वित्तीय स्थिति में भी सुधार हुआ है। FY26 के लिए One97 कम्युनिकेशंस ने ₹8,437 करोड़ का राजस्व दर्ज किया, जिसमें 22% की वृद्धि हुई, और टैक्स के बाद ₹552 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया।

संस्था लेनदेन में भूमिका वित्तीय परिणाम
विजय शेखर शर्मा संस्थापक/सीईओ कोई वित्तीय लाभ नहीं; हिस्सा अपरिवर्तित
रेजिलिएंट एसेट Mgmt सेलिंग व्हीकल 4.98% हिस्सेदारी की बिक्री करेगा
एंटफिन आर्थिक लाभार्थी पूर्ण आर्थिक मूल्य प्राप्त करेगा
क्या आप जानते हैं?: पेटीएम का 2021 आईपीओ भारत की सबसे बड़ी टेक लिस्टिंग में से एक था, लेकिन FY26 में मर्चेंट-आधारित लाभप्रदता की ओर बढ़ने तक इसे भारी दबाव का सामना करना पड़ा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्या विजय शेखर शर्मा पेटीएम छोड़ रहे हैं या अपना नियंत्रण कम कर रहे हैं?
नहीं, उनकी 9% की सीधी हिस्सेदारी अपरिवर्तित है। यह बिक्री एक अलग निवेश वाहन के माध्यम से पिछले समझौते को पूरा करने के लिए की जा रही है।

प्रश्न 2: रेजिलिएंट के बजाय एंटफिन को पैसा क्यों मिल रहा है?
क्योंकि 2023 में शेयर खरीदते समय रेजिलिएंट ने एंटफिन को कन्वर्टिबल डिबेंचर जारी किए थे, जिसका अर्थ है कि आर्थिक अधिकार शुरू से ही एंटफिन के पास थे।