मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। चांदी ₹2400 प्रति किलो तक टूट गई है, जिससे निवेशकों और खरीदारों के बीच हलचल मच गई है।
- MCX पर चांदी ₹2400 प्रति किलो तक गिरी, अब ₹2,35,650 पर कारोबार कर रही है।
- सोने की कीमतों में भी ₹890 प्रति 10 ग्राम की गिरावट देखी गई।
- मुनाफावसूली और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में वृद्धि गिरावट के मुख्य कारण हैं।
- जनवरी के रिकॉर्ड स्तर से सोना अब लगभग ₹38,000 सस्ता है।
भारतीय सर्राफा बाजार में मंगलवार को बड़ी हलचल देखी गई जब मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी दोनों की कीमतों में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। चांदी के भाव में भारी गिरावट आई है, जहां 4 सितंबर वायदा चांदी ₹2400 गिरकर ₹2,35,650 प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। वहीं, सोने की कीमतों में भी गिरावट का रुख रहा, जिसमें 5 अक्टूबर वायदा सोना ₹890 घटकर ₹1,55,090 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।
प्रमुख शहरों में सोने के भाव (प्रति 10 ग्राम)
बाजार में अस्थिरता के बावजूद, विभिन्न महानगरों में सोने की कीमतें अलग-अलग स्तरों पर बनी हुई हैं। नीचे दी गई तालिका से आप अपने शहर के ताजा भाव देख सकते हैं:
| शहर | 24 कैरेट (₹) | 22 कैरेट (₹) | 18 कैरेट (₹) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹1,55,820 | ₹1,42,860 | ₹1,16,920 |
| मुंबई | ₹1,55,670 | ₹1,42,710 | ₹1,16,770 |
| कोलकाता | ₹1,55,670 | ₹1,42,710 | ₹1,16,770 |
| चेन्नई | ₹1,55,670 | ₹1,42,710 | ₹1,20,510 |
| पटना | ₹1,55,720 | ₹1,42,760 | ₹1,16,820 |
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह गिरावट केवल एक अस्थायी सुधार नहीं है, बल्कि वैश्विक आर्थिक संकेतकों का परिणाम है। सोने और चांदी जैसे कीमती धातुओं की मांग सीधे तौर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव से जुड़ी होती है। जब बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो गैर-ब्याज देने वाली संपत्ति जैसे सोने की आकर्षण शक्ति कम हो जाती है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मुनाफावसूली और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेजी ने निवेशकों को सुरक्षित संपत्तियों से बाहर निकलने पर मजबूर किया है।
गिरावट के मुख्य कारण
बाजार विश्लेषकों ने कीमतों में इस गिरावट के पीछे पांच प्रमुख कारकों की पहचान की है। सबसे पहले, पिछले सप्ताह की भारी तेजी के बाद निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली (Profit Booking) एक बड़ा कारण है। दूसरा, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी ने सोने की मांग को प्रभावित किया है। तीसरा, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में उछाल (₹91 प्रति बैरल से अधिक) ने महंगाई की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अंत में, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
ऐतिहासिक संदर्भ
इस वर्ष की शुरुआत में सोने ने एक ऐतिहासिक ऊंचाई छुई थी। जनवरी 2026 में सोना ₹1.93 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया था। वर्तमान कीमतों को देखते हुए, सोना अपने रिकॉर्ड स्तर से लगभग ₹38,000 सस्ता हो चुका है। इसी तरह, चांदी भी अपने ₹4.20 लाख प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर से करीब ₹1.85 लाख प्रति किलो तक गिर गई है।
Frequently Asked Questions
1. क्या अभी सोना खरीदना सही समय है?
बाजार की अस्थिरता को देखते हुए, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एक साथ सारा निवेश करने के बजाय धीरे-धीरे खरीदारी करना बेहतर हो सकता है।
2. चांदी की कीमतों में इतनी गिरावट क्यों आई?
मुख्य रूप से मुनाफावसूली, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में वृद्धि और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण चांदी के दाम गिरे हैं।