गुजरात सरकार ने माइक्रोन टेक्नोलॉजी के साणंद स्थित सेमीकंडक्टर प्लांट को 12 घंटे की शिफ्ट में काम करने की विशेष अनुमति दी है। यह निर्णय औद्योगिक विकास और श्रम अधिकारों के बीच संतुलन बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
- माइक्रोन सेमीकंडक्टर को 12 घंटे की शिफ्ट के लिए विशेष अनुमति मिली।
- कर्मचारियों के लिए साप्ताहिक कार्य सीमा 48 घंटे ही रहेगी।
- 12 घंटे की शिफ्ट के लिए कर्मचारियों की लिखित सहमति अनिवार्य है।
- यह निर्णय 'OSH कोड 2020' के तहत लिया गया है।
गुजरात सरकार ने सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने माइक्रोन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साणंद स्थित संयंत्र को 12 घंटे की कार्य पाली (shifts) में संचालन करने की अनुमति प्रदान की है। यह राज्य में इस तरह की अनुमति प्राप्त करने वाली पहली औद्योगिक इकाई बन गई है।
यह अनुमति ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस (OSH) कोड, 2020 के प्रावधानों के तहत दी गई है, जो 21 नवंबर, 2025 से पूरे देश में लागू हुआ है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि हालांकि शिफ्ट की अवधि बढ़ाई गई है, लेकिन कर्मचारियों के साप्ताहिक कार्य घंटों की सीमा 48 घंटे से अधिक नहीं होगी। शेष दिनों को सवैतनिक अवकाश (paid leave) के रूप में माना जाएगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह निर्णय?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, सेमीकंडक्टर निर्माण एक अत्यधिक संवेदनशील प्रक्रिया है जिसमें उत्पादन को निरंतर बनाए रखना आवश्यक होता है। चिप असेंबली और परीक्षण के लिए अत्यधिक नियंत्रित 'क्लीनरूम' वातावरण की आवश्यकता होती है। बार-बार शिफ्ट बदलने से क्लीनरूम में प्रवेश और निकास होता है, जिससे संदूषण (contamination) का खतरा बढ़ सकता है और उत्पादन दक्षता प्रभावित हो सकती है।
लंबी शिफ्ट से शिफ्ट परिवर्तन की संख्या कम होती है, जिससे क्लीनरूम की अखंडता बनी रहती है और अरबों डॉलर के उपकरणों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होता है।
गुजरात के श्रम मंत्री कुंवरजी बावलिया ने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और 'ईज ऑफ कंप्लायंस' को बढ़ावा देना है। उन्होंने जोर दिया कि यह कदम राज्य में आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के व्यापक सार्वजनिक हित में उठाया गया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और वैश्विक संदर्भ
सेमीकंडक्टर उद्योग वैश्विक स्तर पर अत्यधिक प्रतिस्पर्धी है। माइक्रोन की साणंद इकाई में 500,000 वर्ग फुट से अधिक का क्लीनरूम स्पेस होगा। 2026 तक यह इकाई करोड़ों चिप्स का परीक्षण करने की क्षमता रखेगी। वैश्विक स्तर पर, सेमीकंडक्टर कंपनियां दक्षता बढ़ाने के लिए इसी तरह के परिचालन मॉडल का उपयोग करती हैं।
Frequently Asked Questions
1. क्या 12 घंटे की शिफ्ट में काम करना अनिवार्य है?
नहीं, केवल वे कर्मचारी जो अपनी लिखित सहमति स्वेच्छा से प्रदान करते हैं, वे ही इस व्यवस्था के तहत काम करने के पात्र होंगे।
2. क्या इससे कर्मचारियों के वेतन या छुट्टियों पर असर पड़ेगा?
नहीं, साप्ताहिक कार्य सीमा 48 घंटे ही रहेगी और अतिरिक्त दिनों को सवैतनिक अवकाश माना जाएगा।