पीएम केयर्स फंड के ऑडिटेड वित्तीय विवरणों से पता चला है कि दान में कमी के बावजूद ब्याज के कारण फंड का आकार बढ़ा है, लेकिन वास्तविक उपयोग में भारी गिरावट आई है। 2024-25 में उपलब्ध कोष का मात्र 0.01% ही खर्च किया गया है।
- पीएम केयर्स फंड का कुल कोष 2022-23 से 2024-25 के बीच 25.8% बढ़कर ₹8,453 करोड़ हो गया है।
- दान में भारी कमी आई है, कोष में वृद्धि का मुख्य कारण मिलने वाला ब्याज है।
- फंड का उपयोग करने की दर गिरकर मात्र 0.01% रह गई है।
- पारदर्शिता की कमी और सूचना साझा करने में देरी पर सवाल उठ रहे हैं।
हाल ही में जारी पीएम केयर्स (PM-CARES) फंड के ऑडिटेड वित्तीय विवरणों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। दो साल की देरी के बाद जारी किए गए 2023-24 और 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, फंड का कुल आकार तो बढ़ा है, लेकिन इस पैसे का वास्तविक उपयोग करने की दर में भारी गिरावट आई है।
आंकड़ों के मुताबिक, 2022-23 से 2024-25 के बीच पीएम केयर्स का कोष ₹6,722 करोड़ से बढ़कर ₹8,453 करोड़ हो गया है, जो 25.8% की वृद्धि दर्शाता है। हालांकि, चिंता का विषय यह है कि इसी अवधि में फंड के उपयोग में भारी कमी देखी गई। जहां पहले उपयोग ₹437.9 करोड़ था, वहीं 2024-25 में यह घटकर मात्र ₹87.5 लाख रह गया। यह उपलब्ध कोष का केवल 0.01% है, जो कि पिछले स्तरों की तुलना में 10,000 गुना कम है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि फंड की वृद्धि का मुख्य आधार जनभागीदारी (दान) नहीं, बल्कि बैंक ब्याज है। 2024-25 में प्राप्त ब्याज (₹475 करोड़) लगभग कुल दान (₹480 करोड़) के बराबर था। यह वृद्धि संभवतः केंद्र सरकार द्वारा फंड को बचत खाते से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में स्थानांतरित करने के कारण हुई है।
पैसे का संचय होना एक बात है, लेकिन संकट के समय उसका प्रभावी उपयोग न होना सार्वजनिक विश्वास पर सवाल उठाता है।
इसके अलावा, 'कार्यान्वयन एजेंसियों' से वापस मिलने वाली राशि (refund) उपयोग की गई राशि से कहीं अधिक है। हालांकि, इन एजेंसियों के नाम या उस उद्देश्य का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है जिसके लिए मूल रूप से धन आवंटित किया गया था। अधिकांश उपयोग 'पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन' योजना के तहत देखा गया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पीएम केयर्स फंड की स्थापना मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट के रूप में की गई थी। तब से, यह फंड पारदर्शिता की कमी, सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी देने से इनकार करने और वित्तीय विवरणों को जारी करने में अत्यधिक देरी के कारण विपक्ष और नागरिक समाज के निशाने पर रहा है।
Frequently Asked Questions
1. पीएम केयर्स फंड का उपयोग क्यों कम हुआ है?
आंकड़ों के अनुसार, फंड का उपयोग 2024-25 में मात्र 0.01% रहा, जो कि उपलब्ध राशि की तुलना में बहुत कम है।
2. क्या दान में वृद्धि हुई है?
नहीं, रिपोर्ट के अनुसार दान में भारी गिरावट आई है और फंड की वृद्धि मुख्य रूप से ब्याज से हुई है।