तेनकासी जिला कलेक्टर रंजीत सिंह ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹21,978 करोड़ की वार्षिक ऋण योजना (ACP) जारी की है, जिसमें कृषि और सूक्ष्म उद्योगों पर विशेष जोर दिया गया है।

  • कुल ऋण लक्ष्य ₹21,978.25 करोड़ निर्धारित किया गया है।
  • कृषि क्षेत्र के लिए ₹13,761.55 करोड़ का विशाल आवंटन।
  • प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों (Priority Sector) के लिए ₹17,060.30 करोड़ का प्रावधान।
  • शिक्षा, आवास और नवीकरणीय ऊर्जा के लिए भी विशेष फंड।

तेनकासी, तमिलनाडु: जिला कलेक्टर रंजीत सिंह ने मंगलवार को आयोजित बैंकर्स बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए जिला वार्षिक ऋण योजना (ACP) का अनावरण किया। इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB), जो जिले का लीड बैंक है, द्वारा तैयार की गई इस योजना का उद्देश्य जिले के आर्थिक विकास को गति देना है।

इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत कुल ₹21,978.25 करोड़ के ऋण प्रवाह का लक्ष्य रखा गया है। योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू इसका वितरण है, जहाँ ₹17,060.30 करोड़ को 'प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र' (Priority Sector) के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि शेष ₹4,917.97 करोड़ गैर-प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों के लिए आवंटित किए गए हैं।

क्षेत्रवार ऋण आवंटन

तेनकासी की अर्थव्यवस्था में कृषि की प्रधानता को देखते हुए, योजना में कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए ₹13,761.55 करोड़ का सबसे बड़ा हिस्सा रखा गया है। इसके अतिरिक्त, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए ₹2,000.45 करोड़, शिक्षा ऋण के लिए ₹29.42 करोड़, और आवास ऋण के लिए ₹155.13 करोड़ निर्धारित किए गए हैं। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए, सौर पैनल जैसे नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट्स के लिए ₹1.99 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

वित्तीय समावेश सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों में ऋण की सुलभता अत्यंत आवश्यक है।

BozokMedia विश्लेषण: आर्थिक प्रभाव

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कृषि पर इतना बड़ा ध्यान केंद्रित करना जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान करेगा। ऋण की यह भारी मात्रा न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि MSME क्षेत्र में नए स्टार्टअप और छोटे उद्योगों को भी मजबूती प्रदान करेगी।

बैठक के दौरान, कलेक्टर रंजीत सिंह ने स्वयं लाभार्थियों को ऋण वितरित किए। इसमें 12 छात्रों को ₹75 लाख का शिक्षा ऋण और 9 लाभार्थियों को ₹47.46 लाख का औद्योगिक ऋण शामिल था। इसके अलावा, चार स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को उनके व्यवसाय के लिए ₹21 लाख की सहायता प्रदान की गई।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

वार्षिक ऋण योजना (ACP) भारत में बैंकिंग संरचना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बैंकिंग सुविधाएं केवल बड़े कॉर्पोरेट्स तक सीमित न रहकर समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति, जैसे किसान और छोटे उद्यमी तक पहुँचें।

Frequently Asked Questions

1. तेनकासी के वार्षिक ऋण योजना का मुख्य लक्ष्य क्या है?
इसका मुख्य लक्ष्य कृषि, MSME और अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में ₹21,978 करोड़ का ऋण प्रवाह सुनिश्चित करके आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।

2. किन बैंकों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया?
इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB), तमिलनाडु जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (TDCC) और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को TAHDCO योजनाओं के सफल कार्यान्वयन के लिए सम्मानित किया गया।