पश्चिम एशिया संकट और कर सुधारों के कारण केंद्र सरकार के राजकोषीय लक्ष्यों पर दबाव बढ़ रहा है। हालांकि, गैर-कर राजस्व और मजबूत पूंजीगत व्यय सरकार को पटरी पर रखने की कोशिश कर रहे हैं।

  • जीएसटी और व्यक्तिगत आयकर में सुधारों के कारण शुरुआती राजस्व में कमी आई है।
  • पश्चिम एशिया के संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है।
  • सरकार ने राजस्व घाटे की भरपाई के लिए नए 'HSNS सेस' और विंडफॉल टैक्स का सहारा लिया है।
  • आरबीआई के लाभांश ने केंद्र के बजट को महत्वपूर्ण सहारा दिया है।

भारत सरकार के 2026-27 के राजकोषीय अनुमानों के सामने कई बड़ी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। हालिया आंकड़ों के अनुसार, केंद्र के सकल कर राजस्व (GTR) में पहली तिमाही में केवल 3.7% की वृद्धि देखी गई है। यह धीमी वृद्धि मुख्य रूप से व्यक्तिगत आयकर (PIT) और वस्तु एवं सेवा कर (GST) में किए गए व्यापक सुधारों का परिणाम है, जिसके तहत दरों का युक्तिकरण (Rate Rationalisation) किया गया था।

विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि इन कर सुधारों से शुरुआत में राजस्व में कमी आई है, लेकिन लंबी अवधि में कर आधार बढ़ने से इसकी भरपाई होने की उम्मीद है। हालांकि, वर्तमान परिदृश्य चुनौतीपूर्ण है। GST राजस्व में 11% की गिरावट दर्ज की गई है, जो सरकार के लिए चिंता का विषय है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता, विशेष रूप से पश्चिम एशिया में जारी संकट, भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक दोधारी तलवार की तरह है। एक ओर जहां यह कच्चे तेल की कीमतों को अस्थिर करता है, वहीं दूसरी ओर यह सरकार के सब्सिडी खर्च को भी अनियंत्रित कर सकता है।

कर सुधारों का प्रभाव और वैश्विक तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भारत के राजकोषीय संतुलन को निर्धारित करने वाले सबसे महत्वपूर्ण कारक होंगे।

राजस्व की कमी को पूरा करने के लिए केंद्र ने कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं। इनमें 1 फरवरी, 2026 से लागू किया गया 'स्वास्थ्य सुरक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा' (HSNS) सेस और डीजल, पेट्रोल एवं विमानन ईंधन के निर्यात पर बढ़े हुए विंडफॉल टैक्स शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सोने और चांदी जैसे कीमती धातुओं पर आयात शुल्क बढ़ाना भी राजस्व बढ़ाने की एक रणनीति का हिस्सा है।

राजकोषीय स्थिति को संभालने में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। मई 2026 में आरबीआई द्वारा दिए गए भारी लाभांश ने केंद्र के बजट का 77% हिस्सा पहले ही कवर कर लिया है, जिससे सरकार को सांस लेने की जगह मिली है।

Did You Know?: भारत सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए सोने और चांदी जैसे कीमती धातुओं पर आयात शुल्क में वृद्धि की है ताकि व्यापार घाटे को नियंत्रित किया जा सके।

Frequently Asked Questions

1. GST राजस्व में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
जीएसटी दरों के युक्तिकरण और सुधारों के कारण शुरुआती दौर में राजस्व में कमी देखी गई है।

2. HSNS सेस क्या है?
यह एक नया सेस है जिसे सरकार ने स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पेश किया है।