चीन के रियल एस्टेट संकट के केंद्र में रहे एवरग्रैंड समूह के संस्थापक हुई का यान को संपत्ति की जब्ती के साथ उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
- एवरग्रैंड के संस्थापक हुई का यान को उम्रकैद की सजा और संपत्ति की जब्ती का आदेश।
- कंपनी पर 8.82 अरब युआन का भारी जुर्माना लगाया गया।
- आरोपों में संपत्ति का गबन और कॉर्पोरेट रिश्वतखोरी शामिल है।
चीन के रियल एस्टेट क्षेत्र में आए भीषण संकट के मुख्य सूत्रधार, एवरग्रैंड ग्रुप के संस्थापक हुई का यान (Xu Jiayin) को शंघाई के शेन्ज़ेन इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने न केवल उन्हें कारावास की सजा दी, बल्कि उनकी समस्त व्यक्तिगत संपत्ति को भी जब्त करने का आदेश दिया है। यह फैसला चीन के संपत्ति बाजार में आई अस्थिरता के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।
हुई का यान ने अप्रैल में संपत्ति के गबन और कॉर्पोरेट रिश्वतखोरी सहित कई गंभीर आरोपों को स्वीकार कर लिया था। अदालत के फैसले के अनुसार, एवरग्रैंड ग्रुप पर 8.82 अरब युआन (लगभग $1.31 बिलियन) का जुर्माना लगाया गया है, जबकि इसकी रियल एस्टेट इकाई को 7 अरब युआन का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।
क्यों यह खबर महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि एवरग्रैंड का पतन केवल एक कंपनी का अंत नहीं था, बल्कि इसने चीन की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले रियल एस्टेट क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। हुई का यान ने 1996 में एक छोटे स्तर से शुरुआत की थी और आक्रामक ऋण-आधारित विस्तार के माध्यम से एवरग्रैंड को एशिया की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों में से एक बना दिया।
एवरग्रैंड का पतन चीन के अनियंत्रित ऋण विस्तार और रियल एस्टेट बुलबुले के फूटने का सबसे बड़ा उदाहरण है।
कंपनी के पतन की शुरुआत 2020 में हुई जब बीजिंग सरकार ने अत्यधिक ऋण लेने वाली कंपनियों पर नियंत्रण पाने के लिए कड़े नियम लागू किए। इसके बाद एवरग्रैंड के पास नकदी का संकट पैदा हो गया, जिससे सैकड़ों आवासीय परियोजनाएं अधूरी रह गईं। अदालत में यह खुलासा हुआ कि कंपनी ने घर खरीदारों से मिले करोड़ों डॉलर का उपयोग निर्माण के बजाय नए विकास कार्यों में कर दिया था।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
एवरग्रैंड का उदय और पतन चीन के आर्थिक विकास की कहानी का एक हिस्सा है। 1990 के दशक के अंत में शुरू हुई यह कंपनी एक समय में $50 बिलियन से अधिक की बाजार पूंजीकरण वाली दिग्गज थी। हालांकि, अत्यधिक कर्ज और नियामक सख्ती ने इसे पतन की ओर धकेल दिया, जिसके परिणामस्वरूप 2025 में इसके शेयर हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज से हटा दिए गए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. हुई का यान पर मुख्य आरोप क्या थे?
उन पर मुख्य रूप से संपत्ति के गबन और कॉर्पोरेट रिश्वतखोरी के आरोप लगे थे।
2. एवरग्रैंड के पतन का क्या प्रभाव पड़ा?
इसने चीन के संपत्ति बाजार में भारी गिरावट पैदा की और घरेलू बैंकों तथा निवेशकों को अरबों डॉलर का नुकसान पहुँचाया।