इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने कोयंबटूर को स्वच्छ और टिकाऊ बनाने के लिए 'क्लीन कोयंबटूर मिशन' का प्रस्ताव रखा है। साथ ही, उन्होंने राज्य स्तर पर कृषि पर्यटन नीति की मांग की है ताकि किसानों की आय बढ़ सके।
- 'क्लीन कोयंबटूर मिशन' के जरिए वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन पर जोर।
- कृषि पर्यटन नीति के माध्यम से ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार सृजन।
- सी. दोरैराज को इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स का नया अध्यक्ष चुना गया।
कोयंबटूर को एक स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ शहर बनाने के उद्देश्य से इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (ICCI) ने एक महत्वाकांक्षी 'क्लीन कोयंबटूर मिशन' का प्रस्ताव रखा है। बुधवार को आयोजित चैंबर की वार्षिक बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें शहर के बुनियादी ढांचे और स्वच्छता प्रबंधन में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता पर बल दिया गया।
चैंबर ने सुझाव दिया है कि कोयंबटूर को एक वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली (Solid Waste Management System) लागू करनी चाहिए। इसमें कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण (source segregation), नियमित डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरा हॉटस्पॉट को हटाना और अवैध डंपिंग को रोकना शामिल है। इसके अलावा, सार्वजनिक स्वच्छता में सुधार, सड़कों का रखरखाव और जल निकायों के संरक्षण को भी मिशन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि शहरीकरण के इस दौर में कचरा प्रबंधन केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य का आधार है। यदि कोयंबटूर इस मिशन को सफलतापूर्वक लागू करता है, तो यह अन्य औद्योगिक शहरों के लिए एक मॉडल बन सकता है।
स्वच्छता और कृषि पर्यटन का एकीकरण न केवल पर्यावरण को बचाएगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।
शहर के साथ-साथ, चैंबर ने राज्य स्तर पर एक व्यापक कृषि पर्यटन नीति (Agri-tourism Policy) की भी मांग की है। इस नीति का लक्ष्य प्रत्येक जिले के लिए अलग-अलग योजनाएं बनाना है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त हो सके और ग्रामीण युवाओं व महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
तमिलनाडु की विविध कृषि गतिविधियों, जैसे बागवानी, पारंपरिक खेती और स्थानीय व्यंजनों को देखते हुए, यह नीति पर्यटन क्षेत्र में क्रांति ला सकती है। चैंबर ने मांग की है कि सरकार एक 'स्टेट एग्री टूरिज्म डेवलपमेंट कमेटी' का गठन करे और किसानों के लिए सिंगल-विंडो पंजीकरण प्रणाली और सब्सिडी जैसी सुविधाएं प्रदान करे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
कोयंबटूर को दक्षिण भारत का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र माना जाता है। जैसे-जैसे शहर का विस्तार हो रहा है, कचरा प्रबंधन और शहरी बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे इस तरह के मिशन की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: 'क्लीन कोयंबटूर मिशन' का मुख्य लक्ष्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य लक्ष्य शहर में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन लागू करना और कोयंबटूर को अधिक स्वच्छ और टिकाऊ बनाना है।
प्रश्न 2: कृषि पर्यटन नीति से किसे लाभ होगा?
उत्तर: इससे मुख्य रूप से किसानों को अतिरिक्त आय होगी और ग्रामीण युवाओं व महिलाओं को रोजगार मिलेगा।