इंडिया टुडे के 2018 के अंडरकवर खुलासे के आठ साल बाद, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी ट्रेड कॉइन (MTC) घोटाले में मुंबई और ठाणे में छापेमारी शुरू कर दी है। इस धोखाधड़ी में निवेशकों के 113 करोड़ रुपये से अधिक के गबन का आरोप है।
- इंडिया टुडे के 'ऑपरेशन बिटकॉइन' के बाद ED ने मुंबई और ठाणे में छापेमारी की।
- मनी ट्रेड कॉइन (MTC) घोटाले में ₹113.10 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप।
- मुख्य आरोपी अमित लखनपाल और अन्य संदिग्ध वर्तमान में दुबई में छिपे होने का संदेह।
- जांच में भारी मात्रा में नकदी और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।
आठ साल पहले, इंडिया टुडे की एक साहसिक अंडरकवर जांच ने देश को एक बड़े क्रिप्टोकरेंसी घोटाले से अवगत कराया था। अब, उस जांच के असर के रूप में, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 'मनी ट्रेड कॉइन' (MTC) मामले में अपनी जांच को तेज कर दिया है। हाल ही में मुंबई और ठाणे में की गई छापेमारी ने इस घोटाले के नेटवर्क को लेकर नए और चौंकाने वाले सबूत पेश किए हैं।
यह पूरा मामला 2018 के प्रसिद्ध 'ऑपरेशन बिटकॉइन' से जुड़ा है, जिसमें इंडिया टुडे और आज तक की टीम ने फर्जी निवेशकों के रूप में काम करते हुए फ्लिंटस्टोन ग्रुप के कार्यालय का दौरा किया था। जांच में पाया गया था कि कैसे निवेशकों को 4 से 6 महीनों के भीतर निवेश का 10 से 20 गुना रिटर्न देने का लालच दिया जा रहा था।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक वित्तीय धोखाधड़ी नहीं है, बल्कि यह डिजिटल परिसंपत्तियों के अनियंत्रित क्षेत्र में सुरक्षा की कमी को भी दर्शाता है। यह घटना साबित करती है कि कैसे अपराधी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और जटिल तकनीकी शब्दों का उपयोग करके आम जनता को निशाना बनाते हैं।
क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर होने वाले ये घोटाले वैश्विक स्तर पर निवेशकों की सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
ED की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी अमित लखनपाल ने खुद को वित्त मंत्रालय का अधिकारी बताकर दिल्ली, पुणे और नासिक में सेमिनार आयोजित किए। उन्होंने निवेशकों को विश्वास दिलाया कि MTC को सरकारी मान्यता प्राप्त होगी। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने एंटीगुआ और बारबुडा जैसे देशों के पासपोर्ट प्राप्त कर लिए हैं और वे वर्तमान में फर्जी पहचान के साथ दुबई में रह रहे हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
2018 में, जब क्रिप्टोकरेंसी का चलन बढ़ रहा था, तब इस तरह के 'पूंजी वृद्धि' के वादे करने वाले स्कैमर्स सक्रिय हो गए थे। इंडिया टुडे की जांच के बाद, ठाणे पुलिस ने जून 2018 में मामला दर्ज किया था, जिसमें पुलिस कर्मियों की संलिप्तता के भी संदेह व्यक्त किए गए थे।
| विवरण | विवरण |
|---|---|
| कुल धोखाधड़ी राशि | ₹113.10 करोड़ |
| मुख्य आरोपी | अमित लखनपाल |
| जांच एजेंसी | प्रवर्तन निदेशालय (ED) |
| मुख्य स्कैम का नाम | मनी ट्रेड कॉइन (MTC) |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: मनी ट्रेड कॉइन (MTC) घोटाला क्या था?
उत्तर: यह एक क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी थी जहाँ निवेशकों को भारी रिटर्न और सरकारी मान्यता का झांसा देकर ₹113 करोड़ से अधिक ठगे गए।
प्रश्न 2: वर्तमान में जांच की स्थिति क्या है?
उत्तर: ED ने मुंबई और ठाणे में छापेमारी की है और डिजिटल साक्ष्य व नकदी जब्त की है। मुख्य आरोपी फिलहाल फरार हैं।