तिरुवनंतपुरम के मारियन इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित 'आरवम 2026' कृषि-फूल प्रदर्शनी में सूरजमुखी के खेतों ने पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। कृषि उद्यमी एसवी सुजित द्वारा शुरू की गई यह पहल खेती के प्रति युवाओं को आकर्षित करने का एक अनूठा प्रयास है।

  • मारियन इंजीनियरिंग कॉलेज में 'आरवम 2026' प्रदर्शनी का आयोजन।
  • 28,000 सूरजमुखी के पौधों के साथ भव्य फूलों की प्रदर्शनी।
  • कृषि उद्यमी एसवी सुजित का लक्ष्य युवाओं को खेती से जोड़ना।
  • प्रवेश शुल्क: वयस्क ₹50, बच्चे ₹30।

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में इस ओणम सीजन में सूरजमुखी के फूल आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं। मेनमकुलम स्थित मारियन इंजीनियरिंग कॉलेज के परिसर में आयोजित 'आरवम 2026' कृषि-फूल प्रदर्शनी में हजारों की संख्या में खिले सूरजमुखी के फूल पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अपनी ओर खींच रहे हैं।

यह शानदार पहल कृषि उद्यमी एसवी सुजित और उनके स्टार्टअप नादेन एग्रो फार्म्स (Naaden Agro Farms) द्वारा की गई है। सुजित, जिन्हें केरल राज्य फार्म पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है, ने इस प्रदर्शनी के लिए 28,000 सूरजमुखी के पौधे लगाए हैं। यह उनका दूसरा सफल प्रयास है, इससे पहले उन्होंने थुम्बा के सेंट जेवियर्स कॉलेज में भी फूलों की खेती का सफल प्रदर्शन किया था।

तकनीकी और आधुनिक खेती का संगम

सुजित ने बताया कि उन्होंने मारियन प्रबंधन से पांच एकड़ बंजर भूमि ली थी, जिसे उन्होंने उपजाऊ भूमि में बदल दिया। यहाँ ओपन प्रिसिजन फार्मिंग (Open Precision Farming) पद्धति का उपयोग किया गया है, जिसमें मल्चिंग शीट्स और ड्रिप सिंचाई (Drip Irrigation) जैसी आधुनिक तकनीकों का समावेश है। वर्तमान में यहाँ सूरजमुखी की चार अलग-अलग किस्में उगाई जा रही हैं, ताकि विभिन्न जलवायु परिस्थितियों के लिए सबसे उपयुक्त किस्म की पहचान की जा सके।

सूरजमुखी के अलावा, प्रदर्शनी में 20,000 गेंदे के पौधे (पीले, सफेद और नारंगी), 8,000 से अधिक ड्वार्फ फ्रेंच मैरीगोल्ड और विभिन्न रंगों के 'बैचलर बटन' तथा 'कॉक्स कॉम्ब' (Celosia) भी आकर्षण का केंद्र हैं। सुजित का उद्देश्य न केवल फूल बेचना है, बल्कि सूरजमुखी के बीजों से तेल निकालना भी है, जो एक लाभदायक कृषि मॉडल पेश करता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह की कृषि प्रदर्शनियां केवल पर्यटन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आधुनिक कृषि तकनीकों के बीच एक सेतु का काम करती हैं। सुजित जैसे उद्यमी यह साबित कर रहे हैं कि खेती को केवल जीवन निर्वाह का साधन नहीं, बल्कि एक उच्च-तकनीकी और लाभदायक व्यवसाय बनाया जा सकता है।

खेती को एक ग्लैमरस और लाभदायक करियर के रूप में पेश करना ही अगली पीढ़ी को कृषि क्षेत्र में वापस लाने की कुंजी है।

इस पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू युवाओं को रोजगार देना है। सुजित ने कृषि महाविद्यालयों और आईटीआई के छात्रों को इंटर्नशिप प्रदान की है, जिन्हें प्रशिक्षण के बाद उनकी कंपनी 'नादेन' में स्थायी स्टाफ के रूप में शामिल किया जाएगा।

Did You Know?: सूरजमुखी के बीजों से तेल निकालने की प्रक्रिया में, लगभग 3 से 3.5 किलोग्राम बीजों से 1 किलोग्राम तेल प्राप्त किया जा सकता है।

Frequently Asked Questions

1. आरवम 2026 प्रदर्शनी कहाँ आयोजित की जा रही है?
यह प्रदर्शनी तिरुवनंतपुरम के मेनमकुलम में मारियन इंजीनियरिंग कॉलेज के परिसर में आयोजित की जा रही है।

2. प्रदर्शनी का समय और प्रवेश शुल्क क्या है?
प्रदर्शनी सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक खुली है। वयस्कों के लिए प्रवेश शुल्क ₹50 और बच्चों के लिए ₹30 है।