SKUAST की नई 'सकर तकनीक' ने कश्मीर घाटी में कमल के तने (नादरू) की खेती का तरीका बदल दिया है, जिससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भी अधिक मुनाफा कमाना संभव हो गया है।

  • SKUAST की नई सकर तकनीक से कमल के तने की कटाई आसान हुई।
  • उलर झील के जलमग्न क्षेत्रों में अब चावल के बजाय नादरू उगाया जा रहा है।
  • किसान प्रति कनाल 40,000 से 50,000 रुपये तक कमा सकते हैं।

कश्मीर घाटी के कृषि परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है। SKUAST (Sher-e-Kashmir University of Agricultural Sciences and Technology) के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) की एक विस्तार इकाई ने 'सकर तकनीक' (Sucker Technology) पेश की है, जो कमल के तने, जिसे स्थानीय रूप से नादरू कहा जाता है, की खेती को पूरी तरह से बदल रही है।

यह पहल विशेष रूप से उलर झील जैसे प्राकृतिक जल निकायों में 2014 के बाद से उत्पादन में आई गिरावट को दूर करने और पारंपरिक कटाई की कठिनाइयों को दूर करने के लिए शुरू की गई है। पहले, गहरे पानी में कमल के तने निकालना किसानों के लिए एक कठिन और जोखिम भरा काम था, लेकिन नई तकनीक ने इसे सुलभ बना दिया है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह तकनीक न केवल फसल की पैदावार बढ़ा रही है, बल्कि जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली बाढ़ और जलभराव की समस्या का समाधान भी प्रदान कर रही है। उलर तट के किसान, जो पहले चावल की फसलों के पानी में डूबने के कारण भारी नुकसान उठाते थे, अब उन जलमग्न बंजर जमीनों को लाभदायक नादरू के खेतों में बदल रहे हैं।

नई सकर तकनीक न केवल कटाई को आसान बनाती है, बल्कि यह किसानों को जलभराव वाले क्षेत्रों में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की क्षमता रखती है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती प्रदर्शन फार्मों में सफलता देखी गई है। अनुमान है कि इस तकनीक से प्रति कनाल 10 क्विंटल तक उपज प्राप्त की जा सकती है, जिससे किसानों की आय 40,000 से 50,000 रुपये प्रति कनाल तक पहुंच सकती है।

आर्थिक अवसर और उद्यमिता

यह विकास केवल कच्चे माल की बिक्री तक सीमित नहीं है। यह तकनीक कमल के तने से चिप्स, फ्रेंच फ्राइज़ और आटा जैसे मूल्यवर्धित उत्पाद बनाने के नए अवसर खोलती है। इससे स्थानीय युवाओं को कृषि-उद्यमिता की ओर आकर्षित करने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

Did You Know?: कमल का तना (नादरू) न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि इसमें फाइबर और पोषक तत्वों की भी प्रचुर मात्रा होती है।

Frequently Asked Questions

1. सकर तकनीक क्या है? यह SKUAST द्वारा विकसित एक विधि है जो कमल के तने की कटाई और खेती को अधिक कुशल बनाती है।

2. इससे किसानों को कितना लाभ हो सकता है? किसान प्रति कनाल 40,000 से 50,000 रुपये तक की कमाई की उम्मीद कर सकते हैं।