केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के संकेत के अनुसार, एप्पल भारत में अपने विनिर्माण आधार का विस्तार कर सकता है, जिसमें आईफोन के अलावा अन्य उत्पाद भी शामिल हो सकते हैं। सरकार की नई प्रोत्साहन योजनाओं से भारत एक वैश्विक मोबाइल हब बनने की ओर अग्रसर है।
- एप्पल भारत में आईफोन के अलावा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का उत्पादन शुरू कर सकता है।
- सरकार ने मोबाइल फोन निर्माण के लिए नई प्रोत्साहन योजनाएं अधिसूचित की हैं।
- लक्ष्य 2027 तक भारत में घरेलू मोबाइल ब्रांड विकसित करना है।
- अगले 1-2 वर्षों में भारत वैश्विक स्मार्टफोन उत्पादन का 20% हिस्सा बन सकता है।
भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संकेत दिया है कि वैश्विक टेक दिग्गज एप्पल (Apple) भारत में अपनी विनिर्माण क्षमताओं का विस्तार करने की योजना बना रहा है। वर्तमान में, भारत एप्पल के लिए आईफोन का एक प्रमुख असेंबली केंद्र बन चुका है, लेकिन नए विकास यह सुझाव देते हैं कि कंपनी अब अन्य महत्वपूर्ण घटकों और उत्पादों के उत्पादन की ओर भी कदम बढ़ा सकती है।
यह बदलाव भारत सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल और हाल ही में अधिसूचित मोबाइल फोन निर्माण प्रोत्साहन योजनाओं का परिणाम माना जा रहा है। सरकार न केवल विदेशी कंपनियों को आकर्षित कर रही है, बल्कि भारतीय ब्रांडों को भी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। मंत्री वैष्णव ने स्पष्ट किया है कि भारत का लक्ष्य केवल असेंबली तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि मूल्यवर्धन (value addition) और घटक निर्माण में भी अग्रणी बनना है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि एप्पल का यह संभावित विस्तार भारत के लिए केवल रोजगार सृजन का अवसर नहीं है, बल्कि यह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) में चीन के विकल्प के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करता है। यदि एप्पल अपने अन्य उत्पादों का निर्माण भारत में शुरू करता है, तो इससे एक विशाल इकोसिस्टम विकसित होगा जिसमें स्थानीय आपूर्तिकर्ता और इंजीनियरिंग फर्म शामिल होंगी।
भारत का लक्ष्य केवल दुनिया के लिए फोन जोड़ना नहीं, बल्कि दुनिया के लिए तकनीक बनाना है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत अगले एक से दो वर्षों के भीतर वैश्विक स्मार्टफोन उत्पादन का लगभग पांचवां हिस्सा (20%) होने की क्षमता रखता है। सरकार की रणनीति अब 'कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग' पर केंद्रित है, यानी फोन के अंदर लगने वाले चिप्स, डिस्प्ले और अन्य पुर्जों का निर्माण भी भारत में ही किया जाए।
ऐतिहासिक रूप से, भारत ने विनिर्माण में केवल असेंबली मॉडल पर ध्यान केंद्रित किया था, लेकिन अब नीतिगत बदलावों के माध्यम से हम एक पूर्ण विनिर्माण शक्ति के रूप में उभर रहे हैं। 2027 तक भारत में एक मजबूत घरेलू मोबाइल ब्रांड के उदय की संभावना भी जताई जा रही है, जो वैश्विक दिग्गजों को टक्कर दे सके।
Frequently Asked Questions
1. एप्पल भारत में क्या नया कर सकता है?
एप्पल आईफोन के अलावा अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामानों और उनके घटकों का निर्माण भारत में शुरू कर सकता है।
2. सरकार इसके लिए क्या कर रही है?
सरकार नई प्रोत्साहन योजनाएं और सब्सिडी दे रही है ताकि कंपनियां भारत में अधिक निवेश करें।