भारत सरकार ने ₹62,500 करोड़ की मोबाइल फोन निर्माण योजना (MPMS) को अधिसूचित कर दिया है, जिसमें घरेलू ब्रांडों को विशेष लाभ दिए जाएंगे। इस योजना का लक्ष्य भारत को वैश्विक मोबाइल निर्माण हब बनाना और स्थानीय मूल्य संवर्धन को बढ़ाना है।
- ₹62,500 करोड़ की नई मोबाइल फोन निर्माण योजना (MPMS) अधिसूचित।
- भारतीय ब्रांडों के लिए 5% का फ्लैट प्रोत्साहन और 3% R&D प्रोत्साहन।
- लक्ष्य: 2030-31 तक ₹39 लाख करोड़ का संचयी उत्पादन और ₹15 लाख करोड़ का निर्यात।
- अनुमानित 60,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर।
नई दिल्ली: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर मोबाइल फोन निर्माण योजना (MPMS) को अधिसूचित कर दिया है। ₹62,500 करोड़ के बजट वाली यह योजना स्मार्टफोन के घरेलू असेंबली और स्थानीय स्तर पर पुर्जों के निर्माण (Value Addition) को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई है। यह योजना पूर्ववर्ती PLI योजना का विस्तार है जो 2020 से लागू थी।
योजना की संरचना और प्रोत्साहन संरचना
सरकार ने मोबाइल निर्माताओं के लिए प्रोत्साहन के नए मानक तय किए हैं। असेंबली के लिए आधारभूत प्रोत्साहन 2.25% से 5% के बीच होगा। इसके अतिरिक्त, यदि कोई कंपनी अपने कुल उत्पादन का कम से कम एक चौथाई हिस्सा घरेलू पुर्जों से बनाती है, तो उसे 1.5% का अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा।
भारतीय ब्रांडों को विशेष प्राथमिकता
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता भारतीय ब्रांडों को मिलने वाला विशेष समर्थन है। जो ब्रांड भारतीय नागरिकों के स्वामित्व में होंगे और जिनका बौद्धिक संपदा (IP) अधिकार भारत में होगा, उन्हें पूरे कार्यकाल के दौरान 5% का फ्लैट प्रोत्साहन मिलेगा। इसके अलावा, उन्हें घरेलू डिजाइन और अनुसंधान एवं विकास (R&D) के लिए 3% का अतिरिक्त लाभ भी दिया जाएगा।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह कदम भारत को केवल एक असेंबली केंद्र से बदलकर एक वास्तविक निर्माता बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। भारतीय ब्रांडों के लिए टर्नओवर की सीमा मात्र ₹1,000 करोड़ रखी गई है, जबकि वैश्विक कंपनियों के लिए यह ₹10,000 करोड़ है, जो घरेलू स्टार्टअप्स के लिए समान अवसर पैदा करता है।
आईटी सचिव एस. कृष्णन के अनुसार, हमारा लक्ष्य घरेलू मूल्य संवर्धन को 23% से बढ़ाकर 35-40% तक ले जाना है।
आईटी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि इस योजना से लगभग 60,000 प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मोबाइल निर्माण में दक्षता आने से लैपटॉप, ड्रोन, मेडिकल डिवाइस और स्मार्ट वॉच जैसे अन्य क्षेत्रों में भी तकनीकी कौशल का विस्तार होगा।
Frequently Asked Questions
1. भारतीय ब्रांडों को अन्य ब्रांडों की तुलना में क्या लाभ मिलेगा?
भारतीय ब्रांडों को 5% का फ्लैट प्रोत्साहन मिलेगा और उन्हें वैश्विक कंपनियों की तरह ऊंचे टर्नओवर की आवश्यकता नहीं होगी।
2. इस योजना का मुख्य लक्ष्य क्या है?
मुख्य लक्ष्य भारत के मोबाइल उत्पादन मूल्य को ₹39 लाख करोड़ और निर्यात को ₹15 लाख करोड़ तक पहुँचाना है।