चीन के ग्वांगझू की एक अदालत ने संकटग्रस्त रियल एस्टेट दिग्गज चाइना एवरग्रैंड ग्रुप की एक प्रमुख सहायक कंपनी के खिलाफ दिवालियापन परिसमापन के मामले को स्वीकार कर लिया है। यह कदम दुनिया के सबसे कर्जदार डेवलपर के पतन की प्रक्रिया में एक और महत्वपूर्ण मोड़ है।
- ग्वांगझू इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने एवरग्रैंड की मुख्य इकाई के खिलाफ दिवालियापन याचिका स्वीकार की है।
- यह कदम कर्ज में डूबी इस रियल एस्टेट कंपनी के परिसमापन की प्रक्रिया को तेज करने का संकेत देता है।
- घरेलू संपत्तियों के निपटान को लेकर वैश्विक और स्थानीय बाजार काफी सतर्क बने हुए हैं।
चीन के रियल एस्टेट क्षेत्र में जारी संकट के बीच एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ग्वांगझू की एक स्थानीय अदालत ने संकटग्रस्त रियल एस्टेट दिग्गज China Evergrande Group की एक प्रमुख सहायक इकाई के खिलाफ दिवालियापन परिसमापन (Bankruptcy Liquidation) की याचिका को आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया है। यह निर्णय कंपनी के $300 बिलियन से अधिक के विशाल कर्ज संकट को सुलझाने की दिशा में एक नया कानूनी मोड़ है।
मामले की पृष्ठभूमि और कानूनी कार्रवाई
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ग्वांगझू इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब एवरग्रैंड पर विदेशी और घरेलू दोनों तरह के लेनदारों का भारी दबाव है। इससे पहले, हांगकांग की एक अदालत ने इस साल की शुरुआत में एवरग्रैंड समूह के परिसमापन का आदेश दिया था। हालांकि, मुख्य भूमि चीन (Mainland China) की अदालतों में इस प्रक्रिया को लागू करना हमेशा से एक जटिल कानूनी चुनौती रहा है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: कैसे शुरू हुआ एवरग्रैंड का पतन?
चाइना एवरग्रैंड ग्रुप की स्थापना 1996 में हुई थी और यह तेजी से चीन के सबसे बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स में से एक बन गया। कंपनी ने भारी कर्ज लेकर आक्रामक रूप से देश भर में जमीनें खरीदीं और आवासीय परियोजनाएं शुरू कीं। हालांकि, 2020 में चीनी सरकार द्वारा रियल एस्टेट क्षेत्र में अत्यधिक कर्ज को नियंत्रित करने के लिए 'थ्री रेड लाइन्स' (Three Red Lines) नीति लागू करने के बाद कंपनी की नकदी का प्रवाह रुक गया। इसके बाद, 2021 के अंत में एवरग्रैंड ने अपने अंतरराष्ट्रीय ऋणों पर डिफॉल्ट कर दिया, जिसने वैश्विक बाजारों को हिलाकर रख दिया था।
Why This Matters
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि चीनी अदालतों द्वारा दिवालियापन की कार्यवाही को स्वीकार करना, अदालत से बाहर होने वाली पुनर्गठन वार्ताओं से औपचारिक परिसमापन की ओर एक बड़ा बदलाव है। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मुख्य भूमि चीन की अदालतों के पास ही वास्तविक संपत्तियां—जैसे भूमि बैंक और अधूरे प्रोजेक्ट्स—हैं। ग्वांगझू अदालत का यह निर्णय घरेलू आपूर्तिकर्ताओं, घर खरीदारों और वित्तीय संस्थानों के बीच संपत्तियों के बंटवारे का एक नया मॉडल तैयार करेगा।
"ग्वांगझू में एवरग्रैंड यूनिट की घरेलू दिवालियापन याचिका इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अब कंपनी के बचाव की कोई उम्मीद नहीं बची है, और पूरा ध्यान केवल संपत्तियों की बिक्री पर केंद्रित है।"
| मानक / स्थिति | एवरग्रैंड ग्रुप (शिखर - 2020) | एवरग्रैंड ग्रुप (वर्तमान - 2024) |
|---|---|---|
| कुल देनदारियां | लगभग $300 बिलियन | $330 बिलियन से अधिक (डिफ़ॉल्ट) |
| कॉरपोरेट स्थिति | चीन का दूसरा सबसे बड़ा डेवलपर | परिसमापन का आदेश (हांगकांग कोर्ट) |
| घरेलू कानूनी स्थिति | स्थानीय सरकारों का संरक्षण प्राप्त | मुख्य भूमि में दिवालियापन मुकदमों का सामना |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: ग्वांगझू अदालत के इस फैसले का घर खरीदारों पर क्या असर पड़ेगा?
उत्तर 1: बीजिंग ने हमेशा लेनदारों के भुगतान से ऊपर घर खरीदारों को अधूरे फ्लैट सौंपने को प्राथमिकता दी है, इसलिए स्थानीय सरकारें प्रोजेक्ट्स को पूरा कराने का प्रयास जारी रखेंगी।
प्रश्न 2: क्या विदेशी निवेशकों को उनका पैसा वापस मिलेगा?
उत्तर 2: विदेशी बॉन्डधारकों की प्राथमिकता सूची में स्थान काफी नीचे है, जिससे उनके निवेश की वसूली की संभावनाएं बेहद कम नजर आ रही हैं।