तमिलनाडु सरकार ने 'विज़न 2031' के माध्यम से राज्य की ऊर्जा संरचना को बदलने की घोषणा की है, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों का विस्तार और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना शामिल है।
- 2031 तक राज्य के ऊर्जा मिश्रण में 50% अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) का लक्ष्य।
- पूरे राज्य में 20,000 नए इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
- तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान (AT&C losses) को घटाकर 10% तक लाने की योजना।
- 50,000 नए कृषि बिजली कनेक्शन प्रदान करने का लक्ष्य।
तमिलनाडु सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए अपने महत्वाकांक्षी 'विज़न 2031' की घोषणा की है। ऊर्जा मंत्री सी.टी.आर. निर्मल कुमार ने विधानसभा में बताया कि राज्य का लक्ष्य 2031 तक कुल ऊर्जा खपत में 50% हिस्सेदारी अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) की सुनिश्चित करना है। इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहन (EV) इंफ्रास्ट्रक्चर, रूफटॉप सोलर और ग्रिड दक्षता पर अभूतपूर्व निवेश किया जाएगा।
ऊर्जा बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण
राज्य की बिजली वितरण क्षमता को मजबूत करने के लिए, तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (TNPDCL) इस वित्तीय वर्ष में 50,000 नए कृषि बिजली कनेक्शन प्रदान करने की तैयारी में है। इसके अतिरिक्त, ₹110 करोड़ की लागत से 10 हाई-टेंशन सब-स्टेशन स्थापित किए जाएंगे और 10 मौजूदा 33/11-किलोवोल्ट सब-स्टेशनों का उन्नयन किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, 1,250 वितरण ट्रांसफार्मर को 'रिंग मेन यूनिट्स' में बदला जाएगा, जिस पर ₹250 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति और चार्जिंग नेटवर्क
ईवी अपनाने की बढ़ती दर को देखते हुए, सरकार 20,000 नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रख रही है। वर्तमान में, राज्य में 5.50 लाख पंजीकृत इलेक्ट्रिक वाहन और 2,425 चार्जिंग स्टेशन हैं। तमिलनाडु ग्रीन एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड (TNGECL) ने चार्जिंग ऑपरेटरों और भूमि मालिकों को जोड़ने के लिए एक समर्पित पोर्टल भी विकसित किया है। अपार्टमेंट परिसरों में चार्जिंग बुनियादी ढांचे को प्रोत्साहित करने के लिए, सरकार 50% की पूंजीगत सब्सिडी (अधिकतम ₹50,000 तक) प्रदान करेगी।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि तमिलनाडु का यह कदम न केवल कार्बन फुटप्रिंट को कम करेगा, बल्कि राज्य को दक्षिण भारत के ग्रीन एनर्जी हब के रूप में भी स्थापित करेगा। बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) में निवेश और स्मार्ट मीटरिंग के माध्यम से तकनीकी नुकसान को कम करना राज्य की वित्तीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण होगा।
हरित ऊर्जा की ओर यह संक्रमण तमिलनाडु को भारत के सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में अग्रणी बनाएगा।
स्मार्ट मीटरिंग परियोजना के तहत, ₹8,929.86 करोड़ की अनुमानित लागत से स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे, जिससे बिजली बिलों में सटीकता आएगी और विवादों में कमी आएगी। इसके अलावा, 1,000 MWh की क्षमता वाली बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) को दिसंबर के अंत तक चालू करने की योजना है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: 'विज़न 2031' का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य 2031 तक ऊर्जा मिश्रण में 50% अक्षय ऊर्जा प्राप्त करना और ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है।
प्रश्न 2: अपार्टमेंट में ईवी चार्जर लगाने के लिए क्या लाभ है?
उत्तर: सरकार अपार्टमेंट परिसरों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए ₹50,000 तक की 50% सब्सिडी प्रदान कर रही है।