प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम में कहा कि भारत अब 'प्रोडक्शन-लिंक्ड पनिशमेंट' (PLP) के दौर से निकलकर 'प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव' (PLI) के युग में पहुंच गया है। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सुधारों की गति तेज करने का संकल्प लिया।
- भारत 'लाइसेंस राज' की सजात्मक नीतियों से निकलकर प्रोत्साहन आधारित PLI मॉडल पर आ गया है।
- पीएम मोदी ने 'विकसित भारत' के लक्ष्य के लिए सुधारों की गति और तेज करने का वादा किया।
- डिजिटल क्रांति (UPI, DigiYatra) और बुनियादी ढांचे में सुधार से जीवन सुगम हुआ है।
- भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था के 'ब्राइट स्पॉट' के रूप में देखा जा रहा है।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 'इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम' को संबोधित करते हुए भारत की आर्थिक यात्रा और शासन व्यवस्था में आए क्रांतिकारी बदलावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अब उस पुराने दौर को पीछे छोड़ चुका है जहाँ कंपनियों को अधिक उत्पादन करने के लिए दंडित किया जाता था। उन्होंने इस पुराने मॉडल को 'प्रोडक्शन-लिंक्ड पनिशमेंट' (PLP) का नाम दिया, जो 'लाइसेंस राज' के दौरान प्रचलित था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने इस मानसिकता को पूरी तरह बदल दिया है। अब हम 'प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव' (PLI) योजना के माध्यम से अधिक उत्पादन करने वाली कंपनियों को पुरस्कृत और प्रोत्साहित कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नीतियों को लागू करना नहीं, बल्कि देश की जरूरतों के अनुरूप नीतियां बनाना है। उन्होंने कहा, "नीतियां देश के लिए होनी चाहिए, देश नीतियों के लिए नहीं।"
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत का PLP से PLI की ओर संक्रमण केवल एक नीतिगत बदलाव नहीं है, बल्कि यह वैश्विक विनिर्माण (Manufacturing) मानचित्र पर भारत की स्थिति को मजबूत करने की एक रणनीतिक चाल है। यह बदलाव निवेशकों के विश्वास को बढ़ाता है और 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को वास्तविकता में बदलने के लिए आवश्यक पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करता है।
भारत की आर्थिक नीतियों का केंद्र अब दंड नहीं, बल्कि प्रोत्साहन है, जो वैश्विक निवेश को आकर्षित करने के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।
पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल चाहते थे कि लोग आवश्यक वस्तुओं की कमी और लाचारी के बीच रहें ताकि वे उन पर निर्भर रहें। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने मुफ्त बिजली देने के बजाय 'रूफटॉप सोलर स्कीम' जैसे दूरदर्शी विकल्प चुने, जिससे न केवल बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हुई बल्कि आम नागरिक बिजली बेचकर कमाई भी कर सकते हैं।
बुनियादी ढांचे और तकनीक के क्षेत्र में प्रगति का जिक्र करते हुए, उन्होंने दिल्ली मेट्रो की 99.9% समयबद्धता और नमो भारत रैपिड रेल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अब 'भारतीय समय' (Indian Time) का बहाना खत्म हो चुका है और भारत की कार्यक्षमता न्यूयॉर्क और पेरिस जैसे वैश्विक शहरों के समकक्ष पहुंच रही है। UPI, DigiYatra और FasTag जैसे नवाचारों ने मध्यम वर्ग के जीवन को पहले से कहीं अधिक सरल बना दिया है।
Frequently Asked Questions
1. PLP और PLI में क्या अंतर है?
PLP (Production-Linked Punishment) पुराने दौर की नीति थी जहाँ उत्पादन बढ़ाने पर दंड या प्रतिबंध लगते थे, जबकि PLI (Production-Linked Incentive) वर्तमान नीति है जहाँ अधिक उत्पादन करने पर सरकार वित्तीय प्रोत्साहन देती है।
2. पीएम मोदी ने भारत को 'ब्राइट स्पॉट' क्यों कहा?
IMF के पूर्वानुमान और भारत की तीव्र विकास दर के कारण दुनिया भारत को एक स्थिर और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में देख रही है।
| विशेषता | पुराना युग (PLP/लाइसेंस राज) | नया युग (PLI/सुधार युग) |
|---|---|---|
| दृष्टिकोण | दंड और नियंत्रण | प्रोत्साहन और विकास |
| मुख्य लक्ष्य | कमी और निर्भरता पैदा करना | आत्मनिर्भरता और निर्यात बढ़ाना |
| तकनीक/प्रगति | धीमी और बाधाओं वाली | डिजिटल और तीव्र (UPI, DigiYatra) |