गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खौंटे ने 'प्लस-वन' अर्थव्यवस्था का प्रस्ताव रखा है, जिसका उद्देश्य पर्यटकों को केवल समुद्र तटों तक सीमित न रखकर उन्हें राज्य के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुभवों से जोड़ना है।

  • 'प्लस-वन' अर्थव्यवस्था का लक्ष्य पर्यटकों के ठहरने की अवधि और खर्च को बढ़ाना है।
  • 'पर्यटन समुद्र तटों से परे' (Tourism Beyond Beaches) अभियान के तहत ग्रामीण और आध्यात्मिक पर्यटन पर जोर।
  • वेलनेस इंफ्रास्ट्रक्चर और नए उद्यमीों के लिए सरकारी प्रोत्साहन की योजना।
  • होटल, एयरलाइंस और सरकार के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता।

वाराणसी में फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FHRAI) के 56वें वार्षिक सम्मेलन में बोलते हुए, गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खौंटे ने पर्यटन क्षेत्र के लिए एक नई दृष्टि पेश की। उन्होंने कहा कि पर्यटन का अगला चरण केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के बारे में नहीं है, बल्कि उन्हें राज्य में अधिक समय तक ठहराने और उनके अनुभव को समृद्ध बनाने के बारे में होना चाहिए।

मंत्री ने इस नई रणनीति को 'प्लस-वन' अर्थव्यवस्था का नाम दिया। उनके अनुसार, विकास का असली मंत्र एक अतिरिक्त पर्यटक लाना नहीं, बल्कि जो पर्यटक पहले से ही वहां हैं, उन्हें 'एक और रात' रुकने के लिए प्रेरित करना है। इसमें एक अतिरिक्त अनुभव, एक अतिरिक्त स्थान और एक अतिरिक्त संस्कृति का समावेश शामिल है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि गोवा जैसे स्थापित पर्यटन स्थलों के लिए 'वॉल्यूम' (संख्या) से ज्यादा 'वैल्यू' (मूल्य) पर ध्यान केंद्रित करना आर्थिक स्थिरता के लिए अनिवार्य है। केवल समुद्र तटों पर निर्भरता से संसाधनों पर दबाव बढ़ता है, जबकि 'प्लस-वन' मॉडल राजस्व को राज्य के भीतरी इलाकों तक फैलाता है।

"सबसे बड़ी विकास कहानी एक मिलियन और पर्यटक लाना नहीं है, बल्कि 'प्लस वन' है—एक और रात, एक और अनुभव।"

रोहन खौंटे ने गोवा के 'पर्यटन समुद्र तटों से परे' (Tourism Beyond Beaches) अभियान का उल्लेख किया। इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों को गांवों, होमस्टे, मंदिरों, जंगलों और ध्यान केंद्रों की ओर ले जाना है। सरकार का लक्ष्य गोवा को केवल एक पार्टी डेस्टिनेशन से बदलकर एक समग्र वेलनेस और सांस्कृतिक केंद्र बनाना है।

इसके अतिरिक्त, मंत्री ने वेलनेस इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि गोवा ने अपनी वेलनेस नीति अधिसूचित कर दी है और नए वेलनेस केंद्रों की स्थापना के लिए वित्तीय प्रोत्साहन देने पर विचार कर रहा है।

Did You Know?: गोवा केवल अपने बीच के लिए नहीं, बल्कि अपने समृद्ध औपनिवेशिक इतिहास और अद्वितीय कोंकणी संस्कृति के लिए भी विश्व स्तर पर जाना जाता है।

Frequently Asked Questions

1. 'प्लस-वन' अर्थव्यवस्था क्या है?
यह पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के बजाय, मौजूदा पर्यटकों के ठहरने के समय और उनके द्वारा किए जाने वाले खर्च को बढ़ाने की रणनीति है।

2. गोवा सरकार वेलनेस क्षेत्र में क्या कर रही है?
सरकार ने वेलनेस नीति लागू की है और नए वेलनेस केंद्रों को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता देने की योजना बना रही है।