गौरी देवदयाल और जय युसुफ ने बिना किसी पूर्व योजना के मुंबई के सबसे प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट ब्रांड्स में से एक 'द टेबल' का निर्माण किया। जानें कैसे एक टैक्स कंसल्टेंट और एक टेलीकॉम व्यवसायी ने मिलकर हॉस्पिटैलिटी की दुनिया बदल दी।
- गौरी देवदयाल और जय युसुफ ने बिना किसी हॉस्पिटैलिटी अनुभव के 2011 में 'द टेबल' की शुरुआत की।
- यह साम्राज्य 'द टेबल', मैगजीन स्ट्रीट किचन (MSK), इकतारा और कास्पर्स जैसे विविध ब्रांडों तक फैला हुआ है।
- सफलता का मुख्य मंत्र: रियल एस्टेट के अवसरों का लाभ उठाना और स्वाद के साथ प्रयोग करना।
मुंबई के डाइनिंग परिदृश्य में 'द टेबल' (The Table) का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस विशाल साम्राज्य की नींव किसी सुनियोजित कॉर्पोरेट रणनीति पर नहीं, बल्कि सहज निर्णयों और अवसरवाद पर टिकी थी? 2007 में मिले गौरी देवदयाल और जय युसुफ ने जब शादी के कुछ ही हफ्तों बाद इस सफर की शुरुआत की, तो उनके पास हॉस्पिटैलिटी का कोई अनुभव नहीं था।
2011 में जब 'द टेबल' खुला, तो इसने मुंबई के खाने के अंदाज़ को बदल दिया। उस समय मुंबई में फाइन डाइनिंग का मतलब केवल पांच सितारा होटलों तक सीमित था। 'द टेबल' ने एक अलग रास्ता चुना—एक ऐसा स्थान जो तकनीकी रूप से सटीक था लेकिन स्वभाव से अनौपचारिक। यहाँ का 'कम्युनिटी टेबल' आज भी शहर की पहचान बना हुआ है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि कैसे छोटे और मध्यम स्तर के उद्यमी बिना भारी निवेश या जटिल ब्लूप्रिंट के बड़े ब्रांड बना सकते हैं। 'द टेबल' की कहानी यह दर्शाती है कि बाजार की जरूरतों को समझना और लचीलापन बनाए रखना किसी भी कठोर योजना से अधिक महत्वपूर्ण है।
इस साम्राज्य का विस्तार केवल एक रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं रहा। मैगजीन स्ट्रीट किचन (MSK) के माध्यम से उन्होंने एक ऐसा मंच प्रदान किया जहाँ विदेशी और क्षेत्रीय भारतीय शेफ अपनी कला का प्रदर्शन कर सकते हैं। इसके अलावा, अलीबाग में स्थित 'द टेबल फार्म' से मिलने वाली ताजी उपज ने उनके व्यंजनों को एक नई ऊंचाई दी है।
सफलता अक्सर वहां मिलती है जहां आप योजना बनाना छोड़ देते हैं और केवल अपने जुनून और अवसरों का पीछा करते हैं।
कोविड-19 महामारी ने उनके व्यवसाय मॉडल को एक बार फिर से परिभाषित किया। उन्होंने वैश्विक शेफ के बजाय क्षेत्रीय भारतीय शेफ पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे उनके ब्रांड को एक नई पहचान मिली। आज, उनका पोर्टफोलियो 'इकतारा' (डिलीवरी-ओनली किचन) से लेकर नए फ्रांसीसी रेस्टोरेंट 'कास्पर्स' तक फैला हुआ है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
मुंबई में आधुनिक डाइनिंग का उदय 2000 के दशक के अंत में हुआ। इससे पहले, डाइनिंग या तो बहुत ही साधारण थी या फिर केवल लग्जरी होटलों के नियंत्रण में थी। 'द टेबल' ने इस रिक्त स्थान को भरा और स्वतंत्र, शेफ-नेतृत्व वाले रेस्टोरेंट्स की संस्कृति की शुरुआत की।
Frequently Asked Questions
1. 'द टेबल' के संस्थापक कौन हैं?
इसके संस्थापक गौरी देवदयाल और जय युसुफ हैं।
2. क्या 'द टेबल' केवल एक रेस्टोरेंट है?
नहीं, यह एक बड़ा फूड साम्राज्य है जिसमें MSK, इकतारा और कास्पर्स जैसे कई ब्रांड शामिल हैं।