भारत सरकार ने 62,500 करोड़ रुपये की मोबाइल फ़ोन निर्माण योजना की घोषणा की, जिसमें चार प्रमुख भारतीय कंपनियों ने भाग लेने का इरादा जताया है। यह पहल स्थानीय मूल्य वर्धन को बढ़ावा देते हुए वैश्विक प्रतिस्पर्धा को सुदृढ़ करेगी।
- ₹62,500 crore के मोबाइल निर्माण स्कीम को मंजूरी
- चार प्रमुख भारतीय कंपनियों ने हिस्सा लेने की रुचि दिखाई
- स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला एवं निर्यात क्षमता में वृद्धि
भारत सरकार ने हाल ही में 62,500 करोड़ रुपये के मूल्यांकन वाली मोबाइल फ़ोन निर्माण योजना को आधिकारिक रूप से मंजूरी दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में मोबाइल निर्माण को बढ़ावा देना, आयात पर निर्भरता घटाना और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मकता हासिल करना है।
पहली बार चार प्रमुख भारतीय कंपनियों—इन्फ़ोसिस, टाटा ग्रुप, वैद्युत और एशियन इलेक्ट्रॉनिक्स—ने इस योजना के तहत अपने निवेश और उत्पादन क्षमताओं को विस्तारित करने की इच्छा जताई है। इन कंपनियों ने बताया कि वे एसेम्बली, डिज़ाइन और R&D में स्थानीय भागीदारी को बढ़ावा देंगे।
योजना के तहत निर्माताओं को 30% तक के कर प्रोत्साहन, जमीन एवं बुनियादी ढाँचा समर्थन, और सस्ती पूंजी तक पहुँच प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, सरकार ने 2028 तक भारत को मोबाइल निर्यात का शीर्ष पाँच देशों में शामिल करने का लक्ष्य रखा है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के रूप में, 2014 में शुरू हुए "मेक इन इंडिया" अभियान ने इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग को प्राथमिकता दी थी, परन्तु मोबाइल सेक्टर में आयात अभी भी उच्च स्तर पर बना हुआ था। इस नई योजना से पिछले प्रयासों को सुदृढ़ करने की उम्मीद है।
Apple ने भी भारत में अपने iPhone उत्पादन को बढ़ाने की संभावना जताई है, जिससे घरेलू सप्लाई चेन को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी। इस संकेत ने उद्योग में उत्साह का माहौल बना दिया है, क्योंकि यह वैश्विक ब्रांड की विश्वसनीयता को भारत में लाने का संकेत है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the scheme could catalyze a shift from assembly‑only operations to full‑scale design and innovation hubs, positioning India as a net exporter of smartphones within the next five years.
"यदि भारत अपने घरेलू प्रतिभा और पूंजी को सही दिशा में मोड़ता है, तो यह योजना टेक सेक्टर में एक गेम‑चेंजर साबित हो सकती है," कहा उद्योग विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह।
Frequently Asked Questions
Q1: इस योजना में भाग लेने वाली कंपनियों को किन प्रमुख लाभों की उम्मीद है?
A: उन्हें कर छूट, बुनियादी ढाँचा समर्थन और एक्सपोर्ट प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे लागत घटेगी और प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी।
Q2: यह स्कीम भारतीय मोबाइल उद्योग को वैश्विक स्तर पर कैसे प्रभावित करेगी?
A: स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देकर निर्यात क्षमता में वृद्धि होगी और भारत को शीर्ष स्मार्टफ़ोन निर्यातकों में स्थान मिलेगा।