केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के केंद्रीय बोर्ड में तीन नए गैर-आधिकारिक निदेशकों की नियुक्ति की है। इन नियुक्तियों से बोर्ड की विशेषज्ञता और रणनीतिक क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।
- एनी जॉर्ज मैथ्यू, जनमेजय कुमार सिन्हा और सैयद अकबरुद्दीन को चार साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया है।
- इन नियुक्तियों से आरबीआई केंद्रीय बोर्ड की कुल संख्या 11 से बढ़कर 14 हो गई है।
- नियुक्ति कैबिनेट की नियुक्ति समिति द्वारा आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 8(1)(c) के तहत की गई है।
भारत सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के केंद्रीय बोर्ड में तीन नए अंशकालिक, गैर-आधिकारिक निदेशकों की नियुक्ति की घोषणा की है। इन नियुक्तियों में पूर्व वित्त मंत्रालय अधिकारी एनी जॉर्ज मैथ्यू, प्रसिद्ध अर्थशास्त्री जनमेजय कुमार सिन्हा और पूर्व राजनयिक सैयद अकबरुद्दीन शामिल हैं। ये सभी सदस्य चार साल के कार्यकाल के लिए सेवा देंगे।
कैबिनेट की नियुक्ति समिति द्वारा अनुमोदित ये नियुक्तियां भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 8(1)(c) के तहत की गई हैं। इस नई नियुक्ति के बाद, केंद्रीय बोर्ड की कुल सदस्य संख्या 11 से बढ़कर 14 हो गई है, जिसमें गवर्नर और डिप्टी गवर्नर भी शामिल हैं।
नियुक्त सदस्यों का प्रोफाइल
एनी जॉर्ज मैथ्यू (62): वित्त मंत्रालय में विशेष सचिव के रूप में कार्यरत रहीं मैथ्यू को सार्वजनिक वित्त और सरकारी ऑडिट में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह सोलहवें वित्त आयोग की पूर्णकालिक सदस्य हैं।
जनमेजय कुमार सिन्हा (66): एक प्रमुख अर्थशास्त्री और प्रबंधन सलाहकार, सिन्हा ने बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) में एशिया-प्रशांत के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है। उन्हें वित्तीय क्षेत्र के सुधारों में विशेषज्ञता प्राप्त है।
सैयद अकबरुद्दीन (66): संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि और विदेश मंत्रालय के पूर्व प्रवक्ता के रूप में जाने जाने वाले अकबरुद्दीन अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के विशेषज्ञ हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इन नियुक्तियों का उद्देश्य आरबीआई के निर्णय लेने की प्रक्रिया में विविधता लाना है। सार्वजनिक वित्त, वैश्विक अर्थशास्त्र और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का मेल आरबीआई को जटिल वैश्विक वित्तीय चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा।
आरबीआई के बोर्ड में राजनयिक और नीतिगत विशेषज्ञों का समावेश वैश्विक वित्तीय बाजारों के साथ भारत के समन्वय को मजबूत करेगा।
हाल ही में, सरकार ने इसरो के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ एस और महिंद्रा समूह के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा को भी आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड में शामिल किया था। यह विस्तार बैंक की रणनीतिक दिशा को और अधिक व्यापक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Frequently Asked Questions
1. इन नए सदस्यों का कार्यकाल कितने समय के लिए है?
इनकी नियुक्ति चार साल की अवधि के लिए की गई है।
2. क्या ये सदस्य आरबीआई के पूर्णकालिक अधिकारी होंगे?
नहीं, ये अंशकालिक और गैर-आधिकारिक निदेशक के रूप में नियुक्त किए गए हैं।