भारतीय रेलवे कैटरिंग और टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) अपने टिकट बुकिंग सिस्टम को आधुनिक बनाने जा रहा है ताकि पीक आवर्स के दौरान वेबसाइट क्रैश होने की समस्या खत्म हो सके। ₹150 करोड़ के निवेश से NGET सिस्टम और डिजास्टर रिकवरी को अपग्रेड किया जाएगा।

  • IRCTC अपने Next Generation e-Ticketing (NGET) सिस्टम को अपग्रेड कर रहा है।
  • टिकट बुकिंग क्षमता 37,000 से बढ़ाकर 1 लाख प्रति मिनट तक करने का लक्ष्य है।
  • ₹150 करोड़ का निवेश सर्वर, स्टोरेज और नेटवर्किंग को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।
  • अनधिकृत एजेंटों और बॉट्स को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं।

भारतीय यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC) ने घोषणा की है कि वह अपने ऑनलाइन टिकट बुकिंग सिस्टम को पूरी तरह से अपग्रेड करने की योजना बना रहा है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य पीक आवर्स, विशेष रूप से सुबह 8 बजे (ARP) और तत्काल बुकिंग (सुबह 10 और 11 बजे) के दौरान वेबसाइट पर होने वाली रुकावटों और तकनीकी समस्याओं को समाप्त करना है।

वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, भारत में लगभग 89 प्रतिशत आरक्षित रेल टिकट ऑनलाइन बुक किए जाते हैं। जून 2025 से जून 2026 के बीच, यात्रियों ने 65.08 करोड़ आरक्षित टिकट बुक किए, जिनमें से 57.90 करोड़ ऑनलाइन माध्यम से बुक किए गए। इतनी बड़ी संख्या में ट्रैफिक को संभालने के लिए मौजूदा बुनियादी ढांचे में सुधार अनिवार्य हो गया है।

NGET सिस्टम का आधुनिकीकरण

IRCTC के अनुसार, कंपनी दो प्रमुख सुधारों पर काम कर रही है। पहला है NGET (Next Generation e-Ticketing) इंफ्रास्ट्रक्चर रिफ्रेश। इसमें सर्वर, स्टोरेज, नेटवर्किंग और सॉफ्टवेयर को उन्नत किया जाएगा। वर्तमान में, सिस्टम प्रति मिनट लगभग 37,000 टिकट प्रोसेस कर पाता है, लेकिन नए अपग्रेड के बाद इसे 1 लाख से अधिक टिकट प्रति मिनट तक ले जाने का लक्ष्य है। इस आधुनिकीकरण के लिए लगभग ₹150 करोड़ का निवेश किया जा रहा है।

सिस्टम की क्षमता को प्रति मिनट 1 लाख टिकट तक ले जाना भारतीय रेलवे के डिजिटल बुनियादी ढांचे में एक क्रांतिकारी बदलाव होगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि पीक आवर्स के दौरान वेबसाइट का डाउन होना न केवल यात्रियों को असुविधा पहुँचाता है, बल्कि रेलवे की राजस्व क्षमता को भी प्रभावित करता है। एक 'एक्टिव-एक्टिव डिजास्टर रिकवरी' सिस्टम लागू करने से, यदि एक सर्वर विफल होता है, तो दूसरा तुरंत कार्यभार संभाल लेगा, जिससे सेवा में एक मिनट का भी व्यवधान नहीं आएगा।

इसके अलावा, IRCTC ने 15 जुलाई को एक बीटा वेबसाइट भी लॉन्च की है। इस नए इंटरफेस में अनावश्यक कैप्चा (CAPTCHA), पॉप-अप विज्ञापनों को हटा दिया गया है और यूजर एक्सपीरियंस (UX/UI) को बेहतर बनाया गया है। इससे यात्री अपनी जानकारी को सेव कर सकेंगे और बार-बार बुकिंग करना आसान होगा।

अनधिकृत एजेंटों पर नकेल

वेबसाइट पर अत्यधिक ट्रैफिक और बॉट्स की समस्या से निपटने के लिए IRCTC ने Akamai जैसी तकनीक का उपयोग शुरू किया है। साथ ही, अनधिकृत एजेंटों की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए नियमों को कड़ा कर दिया गया है। अब वेबसाइट के गैर-उपयोग की समय सीमा को 15 मिनट से बढ़ाकर 30 मिनट कर दिया गया है ताकि वास्तविक यात्रियों को प्राथमिकता मिल सके।

Did You Know?: IRCTC का नया सिस्टम प्रति मिनट 1,00,000 से अधिक टिकट बुक करने की क्षमता रखेगा, जो वर्तमान क्षमता से लगभग तीन गुना अधिक है।

Frequently Asked Questions

1. तत्काल बुकिंग के दौरान वेबसाइट क्यों क्रैश होती है?
अत्यधिक ट्रैफिक और सर्वर की सीमित क्षमता के कारण पीक आवर्स में वेबसाइट धीमी हो जाती है।

2. नया NGET अपग्रेड क्या है?
यह IRCTC का अगला पीढ़ी का ई-टिकटिंग प्लेटफॉर्म है जिसे बेहतर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के साथ अपग्रेड किया जा रहा है।