केरल राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (केल्ट्रॉन) ने मूडडी के पास नंदी बाज़ार में अपने लाइटिंग डिवीजन को ‘इलेक्ट्रॉनिक्स विलेज’ में बदल दिया। अब यहाँ चिकित्सा सहायक उपकरणों के विस्तृत उत्पादन की योजना है।
- केल्ट्रॉन का लाइटिंग डिवीजन ‘इलेक्ट्रॉनिक्स विलेज’ में रूपांतरित
- पहले चरण के लिए राज्य बजट से 5 करोड़ रुपये आवंटित
- श्रोण नेओ, श्रोण मिनी सहित कई मेडिकल डिवाइस निर्मित होंगे
केरल के उद्योग मंत्री पी.के. कुणालिकुट्टी ने 24 अगस्त को घोषणा की कि नंदी बाज़ार, मूडडी में स्थित केल्ट्रॉन का लाइटिंग विभाग अब ‘इलेक्ट्रॉनिक्स विलेज’ के रूप में अपग्रेड होगा। यह कदम राज्य के सहायक तकनीक उत्पादन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया।
मंत्रियों ने बताया कि इस क्लस्टर में विभिन्न प्रकार के मेडिकल असिस्टिव डिवाइस, विशेष इलेक्ट्रिक तीन‑पहिया वाहन, और शिशु वार्मर जैसे उत्पाद बनेंगे। इस योजना के तहत श्री शफ़ी पराम्बिल (सांसद) और के. प्रवीणकुमार (केओइलंडी विधायक) ने भी समर्थन जताया।
केल्ट्रॉन ने पहले ही ‘श्रोण नेओ’ और ‘श्रोण मिनी’ जैसे हाई‑एंड सुनने वाले उपकरणों का उत्पादन शुरू कर दिया है। अब इस इकाई से अधिक उन्नत डिवाइस जैसे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, नेब्युलाइज़र, डिजिटल pH मीटर और क्लिनिकल थर्मामीटर बनाने की योजना है।
राज्य बजट में इस परियोजना के प्रथम चरण के लिए 5 करोड़ रुपये की धनराशि अलग रखी गई है। आधिकारिक स्रोतों के अनुसार, यह क्लस्टर भारत में सबसे बड़े असिस्टिव टेक्नोलॉजी उत्पादन केंद्रों में से एक बनने की दिशा में अग्रसर है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव को देखते हुए, इस पहल से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्रीय निर्यात क्षमता बढ़ेगी। केरल सरकार ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नवीनतम तकनीक और स्वदेशी सामग्री के उपयोग से लागत में कमी आएगी।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the establishment of an Electronics Village in a semi‑urban hub like Moodadi could catalyze a ripple effect across South India, boosting both healthcare accessibility and indigenous manufacturing capabilities.
“यह पहल न केवल केरल की औद्योगिक शक्ति को बढ़ाएगी, बल्कि भारत में मेडिकल टेक्नोलॉजी के स्वदेशी उत्पादन को भी गति देगी।” – डॉ. अंजलि रॉय, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: इस इलेक्ट्रॉनिक्स विलेज में कौन‑कौन से नए उत्पाद बनेंगे?
उत्तर: श्रोण नेओ, श्रोण मिनी, इलेक्ट्रिक तीन‑पहिया वाहन, रेडियंट वार्मर, बेबी वार्मिंग रैप, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, नेब्युलाइज़र, डिजिटल pH मीटर और क्लिनिकल थर्मामीटर।
प्रश्न 2: इस प्रोजेक्ट के लिए कितना बजट आवंटित किया गया है?
उत्तर: राज्य बजट में पहले चरण के लिए 5 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।