उत्तरी भारत के प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों में कुल खेती के क्षेत्र में इस साल 23% की तीव्र गिरावट दर्ज हुई है। पंजाब में कपास की जमीन 37.5% घटकर मात्र 80,000 हेक्टेयर रह गई, जिससे किसान धान की ओर रुख कर रहे हैं।
- 2026 में उत्तर भारत के तीन प्रमुख कपास राज्यों में कुल कपास क्षेत्र 23% घटा।
- पंजाब में कपास की खेती 37.5% घटकर 80,000 हेक्टेयर तक सीमित रह गई।
- सुरक्षित एमएसपी, बेहतर सिंचाई और धान की निर्यात सुविधा ने किसानों को कपास से दूर कर दिया।
कपास क्षेत्र की तीव्र सिकुड़न
बाथिंडा, मानसा, मुक्तसर साहिब, फज़िल्का, फरीदकोट, फरीज़पुर और संगरूर‑बारनाला के पारंपरिक कपास बेल्ट में इस साल धान और अन्य फसलों की ओर स्थानांतरण स्पष्ट हो गया है। पिछले वर्ष इन तीन राज्यों (पंजाब, हरियाणा, राजस्थान) में कुल 11.83 लाख हेक्टेयर कपास था, जो 2026 में 9.09 लाख हेक्टेयर तक गिर गया।
पंजाब में सबसे बड़ी गिरावट
पंजाब में कपास की खेती पिछले वर्ष लगभग 1.28 लाख हेक्टेयर थी, जबकि इस वर्ष यह मात्र 80,000 हेक्टेयर रह गई – 37.5% की गिरावट। 1980 के दशक में कपास का क्षेत्र 7 लाख हेक्टेयर से अधिक था, पर 2015 की सफ़ेद मक्खी और 2021 से लगातार पिंक बॉलवर्म के प्रकोप ने इसे तेजी से घटा दिया।
हरियाणा और राजस्थान की स्थिति
हरियाणा में कपास का क्षेत्र 6 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.95 लाख हेक्टेयर हो गया, जबकि राजस्थान में यह 6.55 लाख हेक्टेयर से 5.34 लाख हेक्टेयर रह गया, यानी 18.5% की कमी।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the rapid contraction of cotton acreage threatens the traditional kharif economy of North India, pushes farmers toward water‑intensive paddy, and raises concerns about soil health and regional food security.
"कपास की गिरावट न केवल किसानों की आय को प्रभावित करती है, बल्कि जल संसाधनों पर दबाव भी बढ़ाती है," कहते हैं कृषि अर्थशास्त्री डॉ. अंजलि प्रताप.
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: कपास की कमी का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: कीट प्रकोप, कम उपज, बढ़ते उत्पादन लागत और धान के अधिक लाभदायक MSP के कारण किसान कपास से दूर हो रहे हैं।
प्रश्न 2: क्या सरकार कपास को पुनर्जीवित करने के लिए कोई कदम उठा रही है?
उत्तर: कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड़ियन ने कहा है कि केंद्र से अधिक समर्थन की आवश्यकता है, लेकिन स्पष्ट नीतियों की अभी कमी है।