सिक्योरिटीज़ एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया (SEBI) ने बाजार इन्फ्रास्ट्रक्चर संस्थानों (MIIs) के लिए एक IT Resilience Index (ITRI) घोषित किया। यह फ्रेमवर्क 28 फरवरी 2027 तक पूरी तरह से लागू होगा, जिसमें एरली वार्निंग सिस्टम (EWS) और रीयल‑टाइम मॉनिटरिंग शामिल है।
- ITRI नौ प्रमुख पैरामीटर पर आधारित होगा
- उपलब्धता और सुरक्षा को 20% वेटेज मिलेगा
- पूर्ण कार्यान्वयन की अंतिम तिथि 28‑फ़रवरी‑2027 तय
परिचय
भारत के वित्तीय नियामक SEBI ने बाजार इन्फ्रास्ट्रक्चर संस्थानों – जैसे स्टॉक एक्सचेंज और डिपॉज़िटरी – के लिए एक नया Information Technology Resilience Index (ITRI) पेश किया है। यह कदम डिजिटल जोखिमों को कम करने, प्रणाली की स्थिरता बढ़ाने और निवेशकों के भरोसे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सूचकांक के मुख्य पैरामीटर
SEBI ने ITRI में कुल नौ पैरामीटर निर्धारित किए हैं: उपलब्धता, सुरक्षा, अखंडता, शासन, विश्वसनीयता एवं मॉनिटरिंग, व्यवसाय निरंतरता, मॉड्यूलैरिटी एवं लचीलापन, स्केलेबिलिटी, तथा घटना प्रबंधन। उपलब्धता और सुरक्षा को प्रत्येक 20% वजनी महत्व दिया गया है, जबकि शेष पैरामीटर 10% या 5% वेटेज के साथ मापे जाएंगे।
एरली वार्निंग सिस्टम (EWS) का कार्यान्वयन
MIIs को एक Early Warning System (EWS) विकसित करना अनिवार्य किया गया है, जिससे ITRI के किसी भी पैरामीटर में गिरावट का पूर्वानुमान लगाकर समय पर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। यह प्रणाली संभावित सिस्टम स्लोडाउन या व्यवधान को रोकने में मदद करेगी।
मापने की प्रक्रिया और रिपोर्टिंग
प्रत्येक MII को आधे साल में एक बार, वित्तीय वर्ष के समाप्ति के 60 दिनों के भीतर ITRI की गणना करनी होगी। साथ ही, दो लगातार आधे सालों की तुलना, साथ ही उठाए गए या प्रस्तावित सुधारात्मक उपायों की विस्तृत रिपोर्ट, Standing Committee on Technology (SCOT) और गवर्निंग बोर्ड को प्रस्तुत करनी होगी।
रोल‑आउट टाइमलाइन
SEBI ने बताया कि कई संस्थाओं ने पहले ही ITRI के बीटा संस्करण लागू कर लिये हैं। पूर्ण कार्यान्वयन, जिसमें EWS और रीयल‑टाइम मॉनिटरिंग शामिल है, की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2027 निर्धारित की गई है। यह समय‑सीमा बाजार की तकनीकी तैयारी को तेज़ करने के लिए निर्धारित की गई है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that a standardized resilience metric will push Indian market infrastructures closer to global best‑practice standards, reducing systemic risk and enhancing investor confidence across the sub‑continent.
“IT resilience is no longer a luxury; it is a regulatory imperative for market stability,” says Dr. Ramesh Gupta, Chief Technology Officer at NSE.
Frequently Asked Questions
Q1: क्या छोटे ब्रोकरेज़ को भी ITRI लागू करना पड़ेगा?
A1: हाँ, सभी बाजार इन्फ्रास्ट्रक्चर संस्थानों, चाहे उनका आकार कुछ भी हो, को इस फ्रेमवर्क का पालन करना अनिवार्य है।
Q2: यदि संस्थान समय सीमा से चूक जाता है तो क्या दंड होगा?
A2: SEBI ने उल्लंघन पर दंड की रूपरेखा अभी तक प्रकाशित नहीं की है, लेकिन संभावित जुर्माने और व्यापारिक प्रतिबंधों की संभावना है।