तेलंगाना सरकार के साथ सफल बातचीत के बाद ऑटो, कैब और स्कूल वैन चालकों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस ले ली है। सरकार ने कल्याण बोर्ड के गठन और किराया वृद्धि सहित कई महत्वपूर्ण मांगों पर आश्वासन दिया है।
- ऑटो चालकों की 14 सूत्रीय मांगों पर सरकार ने दिया सकारात्मक आश्वासन।
- ऑटो श्रमिकों के लिए एक विशेष कल्याण बोर्ड (Welfare Board) का गठन किया जाएगा।
- 2012 के बाद से नहीं बढ़े ऑटो किराए में वृद्धि की प्रक्रिया शुरू।
- पुराने वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने के लिए ₹1.5 लाख की सहायता का प्रावधान।
हैदराबाद: तेलंगाना में परिवहन क्षेत्र में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ऑटो, कैब और स्कूल वैन चालकों के यूनियनों की संयुक्त कार्य समिति (JAC) ने सोमवार, 24 अगस्त से शुरू होने वाली अपनी प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल को वापस ले लिया है। यह निर्णय परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ रविवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद लिया गया है।
बैठक के दौरान, मंत्री प्रभाकर ने यूनियनों की 14 सूत्रीय मांगों के समाधान के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। सबसे महत्वपूर्ण निर्णय ऑटो श्रमिकों के लिए एक समर्पित कल्याण बोर्ड का गठन करना है। इस बोर्ड की रूपरेखा और कार्यप्रणाली तय करने के लिए 1 सितंबर को श्रम विभाग, परिवहन विभाग और श्रमिक यूनियनों की एक संयुक्त बैठक बुलाई गई है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह निर्णय?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह कदम न केवल शहरी गतिशीलता को सुचारू बनाएगा, बल्कि लाखों परिवारों की आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा। लंबे समय से लंबित मांगों का समाधान होने से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में स्थिरता आएगी।
सरकार ने 2012 के बाद से स्थिर पड़े ऑटो किराए में वृद्धि के सिद्धांत पर भी सहमति व्यक्त की है। एक विशेष रिपोर्ट तैयार की जाएगी जिसके आधार पर जल्द ही सरकारी आदेश (GO) जारी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सरकार ओला और उबर की तर्ज पर ऑटो सेवाओं के लिए अपना स्वयं का डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने की योजना बना रही है, जिसे आईटी विभाग द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा।
सरकार का यह निर्णय संगठित और असंगठित परिवहन क्षेत्र के बीच के अंतर को पाटने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी (CURE) क्षेत्र में पुराने डीजल और पेट्रोल ऑटो को इलेक्ट्रिक ऑटो में बदलने (Retrofitting) के लिए ₹1.5 लाख की सहायता की घोषणा की गई है। साथ ही, नए इलेक्ट्रिक ऑटो खरीदने के लिए सब्सिडी का भी प्रावधान किया गया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
तेलंगाना में ऑटो चालकों की आर्थिक स्थिति और उनके अधिकारों को लेकर पिछले कई वर्षों से संघर्ष चल रहा है। 2012 में आखिरी बार किराए में संशोधन किया गया था, जिसके बाद ईंधन की बढ़ती कीमतों ने चालकों की कमर तोड़ दी थी।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: हड़ताल क्यों वापस ली गई?
उत्तर: सरकार द्वारा कल्याण बोर्ड के गठन और किराया वृद्धि जैसे महत्वपूर्ण आश्वासनों के बाद हड़ताल वापस ली गई।
प्रश्न 2: इलेक्ट्रिक ऑटो के लिए क्या सहायता मिलेगी?
उत्तर: पुराने ऑटो को इलेक्ट्रिक में बदलने के लिए ₹1.5 लाख की सहायता और नए ऑटो के लिए सब्सिडी दी जाएगी।