इरोड में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने RO वाटर ट्रीटमेंट सिस्टम के निर्माताओं को गुणवत्ता मानकों और अनिवार्य लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं के बारे में शिक्षित करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की।

  • BIS ने RO वाटर ट्रीटमेंट और डिस्पेंसिंग सिस्टम के लिए गुणवत्ता मानकों पर जोर दिया।
  • MSME निर्माताओं को अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (QCOs) के बारे में जानकारी दी गई।
  • बैठक में 100 से अधिक उद्योग जगत के हितधारकों ने भाग लिया।

इरोड: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), कोयंबटूर शाखा कार्यालय ने मंगलवार, 25 अगस्त, 2026 को 'साउदर्न रीजन वाटर ट्रीटमेंट इक्विपमेंट्स मैन्युफैक्चरर्स एंड ट्रेडर्स (SRWTEMT) एसोसिएशन' के सहयोग से एक महत्वपूर्ण जागरूकता बैठक का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को RO वाटर ट्रीटमेंट और डिस्पेंसिंग सिस्टम के संबंध में भारतीय मानकों, अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (QCOs) और BIS लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए K. रमेश (वैज्ञानिक-E, निदेशक और प्रमुख, BIS, कोयंबटूर) ने कार्यक्रम के उद्देश्यों को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानकीकरण केवल एक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह उत्पाद की गुणवत्ता, सुरक्षा और उपभोक्ता के विश्वास को सुनिश्चित करने का एक अनिवार्य स्तंभ है।

गुणवत्ता और अनुपालन का महत्व

बैठक के दौरान तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने गहराई से चर्चा की। B. थिव्या प्रभा (इंजीनियर, उत्पाद प्रमाणन, BIS) ने BIS की विभिन्न गतिविधियों पर प्रकाश डाला, जबकि S. रिनो जॉन (वैज्ञानिक-E और निदेशक, BIS) ने भारतीय मानकों, QCOs और लाइसेंसिंग की जटिलताओं पर एक विस्तृत तकनीकी सत्र संचालित किया। इस सत्र का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि स्थानीय निर्माता वैश्विक मानकों के अनुरूप अपने उत्पादों को तैयार करें।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि जैसे-जैसे भारत में शुद्ध पेयजल की मांग बढ़ रही है, वैसे-वैसे RO सिस्टम की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। BIS द्वारा की जा रही यह पहल न केवल अनधिकृत और निम्न स्तर के उत्पादों पर अंकुश लगाएगी, बल्कि MSME क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में भी मदद करेगी।

मानकीकरण और अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों का पालन करना अब MSME क्षेत्र के लिए विकल्प नहीं, बल्कि बाजार में बने रहने की अनिवार्यता है।

इस कार्यक्रम में SRW एसोसिएशन के कार्यकारी समिति सदस्य मोहम्मद इसाक (RR इंडस्ट्रीज, मदुरै) और रवि चंद्रन (कॉनवे वॉटर प्यूरीफायर) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। एसोसिएशन के कार्यकारी समन्वयक महिंद्रन ने भी विशेष संबोधन दिया। बैठक के अंत में एक 'ओपन हाउस' चर्चा आयोजित की गई, जिससे निर्माताओं को सीधे BIS अधिकारियों से सवाल पूछने और अपनी शंकाओं का समाधान करने का मौका मिला।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) भारत सरकार के तहत एक राष्ट्रीय मानक निकाय है। पिछले कुछ वर्षों में, सरकार ने स्वास्थ्य और सुरक्षा से संबंधित उत्पादों, जैसे कि जल शोधक (Water Purifiers), के लिए 'गुणवत्ता नियंत्रण आदेश' (QCO) को कड़ा कर दिया है ताकि बाजार में मिलावटी और असुरक्षित उपकरणों के प्रवेश को रोका जा सके।

Did You Know?: क्या आप जानते हैं कि BIS प्रमाणन न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि यह MSMEs के लिए निर्यात के नए द्वार भी खोलता है?

Frequently Asked Questions

1. QCO का क्या अर्थ है?
QCO का अर्थ 'गुणवत्ता नियंत्रण आदेश' है, जो सरकार द्वारा कुछ उत्पादों के लिए मानक गुणवत्ता बनाए रखने हेतु अनिवार्य किया गया है।

2. इस बैठक का मुख्य लक्ष्य क्या था?
इसका लक्ष्य MSME निर्माताओं को RO सिस्टम के लिए आवश्यक BIS लाइसेंसिंग और मानकों की जानकारी देना था।