बेंगलुरु के एक पूर्व विप्रो आर्किटेक्ट ने कॉर्पोरेट जीवन छोड़कर जैविक खेती को चुना और अक्षयकल्प ऑर्गेनिक के माध्यम से 600 करोड़ रुपये का सफल उद्यम खड़ा किया। यह कहानी संघर्ष, धैर्य और कृषि को एक आधुनिक व्यवसाय बनाने की अद्भुत यात्रा है।
- विप्रो के लीड आर्किटेक्ट शशिकांत कुमार ने 12 साल की कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ दी।
- अक्षयकल्प ऑर्गेनिक अब 2,800 किसानों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
- शशिकांत ने खेती को एक लाभदायक पेशा बनाने के लिए डेयरी मॉडल को चुना।
- इस सफर में उन्हें 9 बार दिवालिया होने की कगार का सामना करना पड़ा।
कॉर्पोरेट जगत की चकाचौंध और ऊंचे वेतन वाली नौकरी को छोड़कर मिट्टी से जुड़ना कोई आसान फैसला नहीं था। बेंगलुरु के शशिकांत कुमार के लिए यह केवल एक करियर परिवर्तन नहीं था, बल्कि एक ऐसा सपना था जिसे पूरा करने के लिए उन्हें अपने पिता का साथ और आठ साल का मौन सहना पड़ा। विप्रो में 12 साल तक मुख्य आर्किटेक्ट के रूप में काम करने के बाद, शशिकांत ने 2010 में अक्षयकल्प ऑर्गेनिक (Akshayakalpa Organic) की नींव रखी।
शशिकांत की यह यात्रा चुनौतियों से भरी थी। उन्होंने बताया कि वे लगभग 10 बार दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गए थे। उनके पास शुरुआती पूंजी के रूप में केवल उनकी पत्नी द्वारा निवेश किए गए 30 लाख रुपये और उनके चाचा द्वारा दिए गए 10 लाख रुपये थे। इसी 40 लाख रुपये के सहारे उन्होंने अपने विजन को जीवित रखा। आज, वह उद्यम 600 करोड़ रुपये का हो चुका है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में कृषि संकट का मुख्य कारण केवल संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि युवाओं का खेती से मोहभंग होना है। शशिकांत का मॉडल यह साबित करता है कि यदि खेती को सही आर्थिक ढांचे और तकनीक के साथ जोड़ा जाए, तो यह अगली पीढ़ी के लिए एक आकर्षक करियर बन सकता है।
"हमें खेती को केवल जीवन जीने के तरीके के रूप में नहीं, बल्कि एक लाभदायक व्यवसाय के रूप में देखना होगा।"
शशिकांत का मुख्य उद्देश्य कृषि को एक 'व्यवसाय' (Vocation) बनाना था। उन्होंने डेयरी फार्मिंग को आधार बनाया क्योंकि दूध किसानों को नियमित नकदी प्रवाह (Cash Flow) प्रदान करता है। आज अक्षयकल्प 2,800 गांवों के लगभग 2,800 किसानों के साथ काम कर रहा है, जिनमें से 1,200 महिलाएं हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनके साथ जुड़े किसानों की औसत आयु मात्र 32 वर्ष है, जो इस बात का प्रमाण है कि युवा अब खेती की ओर लौट रहे हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
शशिकांत के विचार उनके कॉलेज के दिनों से ही पनप रहे थे। उन्होंने उडुपी के एक प्राकृतिक किसान, चेरकाडी रामचंद्र राव से बहुत कुछ सीखा। राव ने दिखाया कि कैसे प्राकृतिक खेती के माध्यम से आर्थिक स्थिरता प्राप्त की जा सकती है। शशिकांत ने उन्हीं सिद्धांतों को आधुनिक तकनीक और प्रबंधन के साथ जोड़कर एक बड़े ब्रांड में बदल दिया।
Frequently Asked Questions
1. अक्षयकल्प ऑर्गेनिक क्या है?
यह एक जैविक डेयरी और कृषि उद्यम है जो किसानों को आधुनिक और टिकाऊ खेती के माध्यम से जोड़ता है।
2. शशिकांत कुमार ने विप्रो क्यों छोड़ा?
वे कृषि को एक लाभदायक और आधुनिक पेशे के रूप में विकसित करना चाहते थे ताकि युवा पीढ़ी इसमें रुचि ले सके।