एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) ने हैदराबाद के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए नए टैरिफ ढांचे की घोषणा की है, जिससे घरेलू यात्रियों के शुल्क में 30% से अधिक की कमी आई है। यह नया नियम 1 सितंबर, 2026 से लागू होगा।

  • घरेलू यात्रियों के लिए यूजर डेवलपमेंट शुल्क (UDF) ₹750 से घटकर ₹515 हो गया है।
  • अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए शुल्क ₹1,500 से घटकर ₹1,030 रह गया है।
  • नया टैरिफ नियम 1 सितंबर, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक प्रभावी रहेगा।
  • AERA ने भविष्य के बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए 'इंक्रीमेंटल ARR' दृष्टिकोण अपनाया है।

भारत की विमानन नियामक संस्था, एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) ने हैदराबाद के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (RGIA) के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए उपयोगकर्ता शुल्क में बड़ी कटौती की है। नए टैरिफ ढांचे के तहत, घरेलू यात्रियों के लिए यूजर डेवलपमेंट शुल्क (UDF) में 30% से अधिक की कमी की गई है, जो अब ₹750 से घटकर ₹515 रह गया है।

यह निर्णय यात्रियों के हितों की रक्षा करने और हवाई अड्डा ऑपरेटरों द्वारा प्रस्तावित उच्च शुल्क को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है। जहाँ ऑपरेटर ने घरेलू यात्रियों के लिए ₹580 का प्रस्ताव दिया था, वहीं नियामक ने इसे और भी कम रखते हुए ₹515 पर तय किया है। इसी तरह, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए शुल्क ₹1,500 से घटाकर ₹1,030 कर दिया गया है, जो ऑपरेटर के ₹1,150 के प्रस्ताव से भी कम है।

नया टैरिफ ढांचा और लागत वसूली

AERA ने इस बार एक अभिनव 'इंक्रीमेंटल एग्रीगेट रेवेन्यू रिक्वायरमेंट' (ARR) दृष्टिकोण पेश किया है। इस पद्धति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों से उन बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए अग्रिम शुल्क न लिया जाए जो अभी तक चालू नहीं हुई हैं। इसमें नए टर्मिनल भवन, रनवे और टैक्सीवे जैसे बड़े निवेश शामिल हैं।

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम हवाई यात्रा को अधिक किफायती बनाने और यात्रियों पर अनुचित वित्तीय बोझ डालने से रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार है। नियामक ने ऑपरेटर द्वारा प्रस्तावित ₹27,851 करोड़ के ARR के मुकाबले ₹11,683.49 करोड़ का आधारभूत ARR निर्धारित किया है।

नियामक का नया 'इंक्रीमेंटल एप्रोच' यह सुनिश्चित करता है कि यात्री केवल उन्हीं सुविधाओं के लिए भुगतान करें जो वास्तव में उपयोग में हैं।

लैंडिंग शुल्क में भी बदलाव

हवाई अड्डों के संचालन की लागत को कम करने के लिए, लैंडिंग शुल्क में भी संशोधन किया गया है। घरेलू उड़ानों के लिए इसे ₹435 प्रति मीट्रिक टन और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ₹630 प्रति मीट्रिक टन तय किया गया है। यह नया शुल्क ढांचा 1 सितंबर, 2026 से लागू होगा और 31 मार्च, 2031 तक वैध रहेगा।

Did You Know?: हैदराबाद का राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत के सबसे आधुनिक और कुशल हवाई अड्डों में से एक माना जाता है।

Frequently Asked Questions

1. हैदराबाद हवाई अड्डे पर नए शुल्क कब से लागू होंगे?
नए शुल्क 1 सितंबर, 2026 से प्रभावी होंगे।

2. क्या अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को भी लाभ मिलेगा?
हाँ, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का शुल्क ₹1,500 से घटकर ₹1,030 हो जाएगा।