ईरान ने अमेरिका द्वारा लगाए गए नए आर्थिक प्रतिबंधों के खिलाफ खुद को तैयार बताया है। देश के अधिकारियों का कहना है कि वे घरेलू उत्पादन और रणनीतिक स्टॉक के माध्यम से अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने में सक्षम हैं।
- ईरान ने अमेरिका के नए प्रतिबंधों का मुकाबला करने के लिए दो साल की योजना बनाई है।
- देश ने खाद्य और दवाओं में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दिया है।
- तेल निर्यात में कमी के बावजूद, केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा भंडार होने का दावा किया है।
- मुद्रास्फीति और मुद्रा के अवमूल्यन के बावजूद सरकार आर्थिक पतन से इनकार करती है।
तेहरान में हाल ही में लागू किए गए अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद, ईरान की सरकार ने अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए 'आत्मनिर्भरता' की रणनीति अपनाई है। अमेरिकी प्रशासन का लक्ष्य ईरान को घुटने टेकने पर मजबूर करना है, लेकिन ईरानी अधिकारियों का मानना है कि उनके पास इस आर्थिक युद्ध का सामना करने के लिए पर्याप्त साधन और अनुभव हैं।
ईरानी अर्थव्यवस्था मंत्री अली मदानिज़ादेह ने राज्य टेलीविजन पर घोषणा की कि सरकार के पास प्रतिबंधों को दरकिनार करने के लिए एक ठोस दो साल का रोडमैप है। उन्होंने कहा, "हमारे पास अपने उपकरण हैं और हम यह खेल अच्छी तरह जानते हैं।" मदानिज़ादेह ने यह भी संकेत दिया कि एक बहुध्रुवीय दुनिया में, जहां अमेरिका अब एकमात्र शक्ति नहीं है, ईरान रक्षात्मक होने के बजाय आक्रामक रुख भी अपना सकता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ईरान की यह रणनीति केवल आर्थिक नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक भी है। यदि ईरान प्रतिबंधों के बावजूद अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में सफल रहता है, तो यह वैश्विक स्तर पर आर्थिक प्रतिबंधों की प्रभावशीलता को एक बड़ी चुनौती देगा।
ईरान की रणनीति आर्थिक प्रतिरोध से बढ़कर एक अस्तित्वगत लड़ाई बन गई है, जहाँ आत्मनिर्भरता ही एकमात्र ढाल है।
केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेमती ने स्वीकार किया कि तेल निर्यात लगभग रुक गया है, लेकिन उन्होंने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि आवश्यक वस्तुओं के लिए विदेशी मुद्रा का पर्याप्त भंडार उन स्थानों पर सुरक्षित है जहाँ तक अमेरिका की पहुँच नहीं है। हालांकि, उन्होंने बढ़ती मुद्रास्फीति और गिरती क्रय शक्ति को 'गंभीर समस्या' बताया है।
कृषि क्षेत्र में, ईरान का लक्ष्य खाद्य आत्मनिर्भरता को 90 प्रतिशत तक ले जाना है। वर्तमान में, ईरान अपनी कृषि आवश्यकताओं का लगभग 85 प्रतिशत घरेलू स्तर पर पूरा करता है। हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अत्यधिक पानी का उपयोग ईरान के मौजूदा जल संकट को और गहरा कर सकता है।
| क्षेत्र | वर्तमान स्थिति | सरकारी लक्ष्य |
|---|---|---|
| कृषि उत्पादन | 85% आत्मनिर्भर | 90%+ आत्मनिर्भरता |
| दवा उत्पादन | 97% घरेलू उत्पादन | आयात पर निर्भरता कम करना |
| खाद्य मुद्रास्फीति | 128% की वृद्धि (जुलाई तक) | कीमतों को स्थिर करना |
दवाइयों के मामले में भी ईरान का दावा है कि वह 97% दवाएं खुद बनाता है, लेकिन महत्वपूर्ण दवाओं के आयात के लिए सस्ती मुद्रा के आवंटन में कटौती के कारण shortages की स्थिति बनी हुई है। सरकार अब नागरिकों को घर पर ही आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित कर रही है ताकि बाहरी आपूर्ति पर निर्भरता कम हो सके।
Frequently Asked Questions
1. क्या ईरान की मुद्रा पूरी तरह गिर चुकी है?
ईरानी रियाल का मूल्य अमेरिकी डॉलर के मुकाबले नए ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया है, हालांकि इसमें मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया है।
2. ईरान खाद्य सुरक्षा के लिए क्या कर रहा है?
ईरान कृषि उत्पादन बढ़ाकर और आयात पर निर्भरता कम करके खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है।