वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सौर कांच और लिथियम-आयन बैटरी निर्माण के लिए सीमा शुल्क में महत्वपूर्ण छूट दी है। सरकार का लक्ष्य नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना है।

  • सौर कांच निर्माण के लिए उपयोग होने वाले सोडियम एंटीमोनेट पर सीमा शुल्क 7.5% से घटाकर 0% किया गया।
  • लिथियम-आयन सेल और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) के लिए आवश्यक पूंजीगत वस्तुओं पर शुल्क में छूट।
  • नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के बजट में भारी वृद्धि, अब आवंटन ₹32,914 करोड़ तक पहुँच गया है।
  • प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए ₹22,000 करोड़ का प्रावधान।

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026 में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती देने के लिए एक रणनीतिक कदम उठाया है। बड़े खर्चों के बजाय, सरकार ने घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए सीमा शुल्क में कटौती और छूट पर ध्यान केंद्रित किया है। यह निर्णय विशेष रूप से लिथियम-आयन बैटरी और सौर सेल के घरेलू उत्पादन को गति देने के लिए लिया गया है।

बजट के तहत, सौर कांच के निर्माण में उपयोग होने वाले सोडियम एंटीमोनेट पर बुनियादी सीमा शुल्क को 7.5% से घटाकर शून्य कर दिया गया है। इसके अलावा, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) के लिए आवश्यक विशिष्ट पूंजीगत वस्तुओं को भी शुल्क से मुक्त कर दिया गया है। यह कदम उन भारतीय कंपनियों के लिए एक बड़ी राहत है जो कच्चे माल की कमी और उच्च लागत से जूझ रही थीं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आयात पर निर्भरता कम करके, भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने की दिशा में बढ़ रहा है। यह न केवल विनिर्माण लागत को कम करेगा, बल्कि 'मेक इन इंडिया' पहल को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

बजट के माध्यम से सीमा शुल्क में छूट देना भारत के ऊर्जा संक्रमण को औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता के साथ जोड़ने का एक मास्टरस्ट्रोक है।

परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति देखी गई है। SHANTI अधिनियम के लागू होने के बाद, निजी क्षेत्र को परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। परमाणु ऊर्जा विभाग के लिए आवंटन बढ़कर ₹38,422 करोड़ हो गया है, जिसमें परमाणु ऊर्जा अनुसंधान के लिए ₹10,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में सबसे बड़ी योजना प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना बनी हुई है। सरकार ने इसके लिए इस वर्ष ₹22,000 करोड़ का बजट निर्धारित किया है, जिसका लक्ष्य 2026-27 तक एक करोड़ घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है।

क्षेत्रपिछला आवंटन (करोड़ में)वर्तमान बजट (करोड़ में)
नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय₹26,549₹32,914
परमाणु ऊर्जा विभाग~₹37,668₹38,422
परमाणु ऊर्जा अनुसंधान~₹9,259₹10,000
Did You Know?: भारत का लक्ष्य 2033 तक पांच स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए 'स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर' विकसित करना है।

Frequently Asked Questions

1. सौर कांच के निर्माण पर क्या बदलाव हुआ है?
सोडियम एंटीमोनेट पर सीमा शुल्क को 7.5% से घटाकर 0% कर दिया गया है।

2. प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का क्या लक्ष्य है?
इस योजना का लक्ष्य 2026-27 तक एक करोड़ घरों को सौर बिजली प्रदान करना है।