केरल राज्य विद्युत बोर्ड (KSEB) ने आगामी महीनों में बिजली की कमी को पूरा करने के लिए अतिरिक्त बिजली खरीदने की अनुमति मांगी है। आपूर्ति करने वाली कंपनियों द्वारा प्रस्तावित दरें ₹9 प्रति यूनिट या उससे अधिक हो सकती हैं।
- KSEB ने सितंबर 2026 से मई 2027 के बीच संभावित बिजली घाटे को भरने के लिए प्रस्ताव दिया है।
- आपूर्ति करने वाली कंपनियां ₹9 प्रति यूनिट या उससे अधिक की दर मांग रही हैं।
- कम मानसून और एल नीनो के प्रभाव के कारण बिजली संकट का खतरा बढ़ गया है।
केरल राज्य विद्युत बोर्ड (KSEB) ने राज्य में बिजली की बढ़ती मांग और संभावित कमी को देखते हुए राज्य विद्युत नियामक आयोग से अतिरिक्त बिजली खरीदने की अनुमति मांगी है। यह कदम 1 सितंबर, 2026 से 15 मई, 2027 के बीच होने वाले संभावित बिजली घाटे को प्रबंधित करने के लिए उठाया गया है।
KSEB की कोर कमेटी द्वारा लिए गए निर्णय के आधार पर यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। बोर्ड ने आठ अलग-अलग आपूर्तिकर्ताओं से अल्पकालिक बिजली खरीद का प्रस्ताव दिया है, जो विशेष रूप से शाम के पीक घंटों (Peak Hours) के दौरान आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए है जब मांग सबसे अधिक होती है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह निर्णय?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह निर्णय केरल की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि समय पर बिजली की खरीद नहीं की गई, तो राज्य में लोड शेडिंग या बिजली कटौती का सामना करना पड़ सकता है। वर्तमान में, बिजली की दरें ₹9 प्रति यूनिट या उससे अधिक के आसपास चल रही हैं, जो उपभोक्ताओं के लिए वित्तीय बोझ बढ़ा सकती हैं।
बिजली की बढ़ती मांग और घटते जल स्तर के बीच, KSEB का यह कदम राज्य में ब्लैकआउट से बचने के लिए एक आवश्यक सुरक्षा कवच है।
KSEB ने आयोग को सौंपी अपनी याचिका में बताया कि आगामी गर्मी के महीनों (2027) के दौरान बिजली की कमी काफी बढ़ सकती है। कम जलाशय स्तर, कमजोर दक्षिण-पश्चिम मानसून और एल नीनो (El Niño) के प्रभाव के कारण बिजली की उपलब्धता में भारी गिरावट आने की आशंका है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
केरल ऐतिहासिक रूप से अपनी बिजली जरूरतों के लिए जलविद्युत और ग्रिड आपूर्ति पर निर्भर रहा है। हालांकि, जलवायु परिवर्तन और अनियमित मानसून के पैटर्न ने राज्य की ऊर्जा योजना को चुनौतीपूर्ण बना दिया है, जिससे अब बार-बार अतिरिक्त बिजली खरीद की आवश्यकता पड़ती है।
Frequently Asked Questions
1. KSEB अतिरिक्त बिजली क्यों खरीदना चाहता है?
अगले साल के गर्मियों के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने और मानसून की कमी के कारण होने वाले घाटे को पूरा करने के लिए।
2. बिजली की प्रस्तावित दर क्या है?
आपूर्तिकर्ता कंपनियां ₹9 प्रति यूनिट या उससे अधिक की दर प्रस्तावित कर रही हैं।