तमिलनाडु की राज्य संचालित शराब विक्रेता TASMAC 1 सितंबर से सभी खुदरा दुकानों के लिए एक स्वचालित हैंडहेल्ड इंडेंट सिस्टम लागू कर रहा है। इस कदम का उद्देश्य स्टॉक वितरण को सुव्यवस्थित करना और कागजी कार्रवाई को समाप्त करना है।

  • 1 सितंबर से TASMAC की सभी दुकानों में डिजिटल हैंडहेल्ड डिवाइस का उपयोग होगा।
  • स्टॉक की मांग अब मैन्युअल के बजाय स्वचालित रूप से की जाएगी।
  • सुपरवाइजर स्थानीय मांग के आधार पर स्टॉक ऑर्डर में 20% तक की वृद्धि कर सकेंगे।
  • सुरक्षा के लिए OTP-आधारित प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है।

तमिलनाडु की राज्य संचालित शराब विक्रेता संस्था, TASMAC, अपने संचालन में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने की तैयारी कर रही है। आगामी 1 सितंबर से, राज्य भर की सभी खुदरा दुकानों में मैन्युअल स्टॉक सबमिशन को हटाकर एक स्वचालित हैंडहेल्ड इंडेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। यह कदम तकनीक के माध्यम से शराब की आपूर्ति श्रृंखला को अधिक कुशल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

TASMAC के प्रबंध निदेशक K नन्तकूमार के निर्देशों के अनुसार, यह नया डिजिटल तंत्र 2025 के मध्य में सभी 38 जिलों और डिपो में पूर्ण एंड-टू-एंड कंप्यूटरीकरण के बाद अगला तार्किक कदम है। इस प्रणाली का मुख्य लक्ष्य स्टॉक वितरण को सुव्यवस्थित करना, कागजी कार्रवाई को कम करना और आपूर्ति में आने वाली बाधाओं को रोकना है।

नई प्रणाली कैसे काम करेगी?

नए डिजिटल तंत्र के तहत, प्रत्येक दुकान के लिए पात्र मात्रा (eligibility quantities) हैंडहेल्ड डिवाइस पर ब्रांड और पैक साइज के अनुसार स्वचालित रूप से दिखाई देगी। इससे दुकानदारों को यह सोचने की जरूरत नहीं होगी कि कितना स्टॉक मंगवाना है; सिस्टम डेटा के आधार पर सुझाव देगा।

हालाँकि, स्थानीय स्तर पर लचीलापन बनाए रखने के लिए, सुपरवाइजरों को कुछ अधिकार दिए गए हैं। वे स्थानीय मांग के आधार पर सिस्टम द्वारा निर्धारित बेस फिगर में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकते हैं। इसके अलावा, यदि कोई पंजीकृत ब्रांड स्वचालित सूची में नहीं है, तो सुपरवाइजर उसे भी जोड़ सकेंगे ताकि ग्राहकों की पसंद का ध्यान रखा जा सके।

जवाबदेही और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, TASMAC ने जिला प्रबंधक (DM) कार्यालयों में भौतिक (physical) सबमिशन को पूरी तरह से समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब अंतिम इंडेंट सबमिशन के लिए सुपरवाइजर के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) अनिवार्य होगा।

डिजिटलीकरण न केवल मानवीय त्रुटियों को कम करेगा, बल्कि शराब की कालाबाजारी और स्टॉक की कमी जैसी समस्याओं पर भी लगाम लगाएगा।

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि इस तरह के तकनीकी सुधार सरकारी राजस्व में वृद्धि कर सकते हैं क्योंकि इससे स्टॉक की बर्बादी कम होती है और मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित होती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

तमिलनाडु में TASMAC का संचालन दशकों से राज्य के राजस्व का एक प्रमुख स्रोत रहा है। पिछले कुछ वर्षों में, आपूर्ति श्रृंखला में सुधार और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए धीरे-धीरे डिजिटल समाधानों को अपनाया गया है, जिसकी परिणति अब इस पूर्ण स्वचालित प्रणाली में हुई है।

Frequently Asked Questions

1. क्या यह बदलाव सभी जिलों में लागू होगा?
हाँ, 1 सितंबर से तमिलनाडु के सभी 38 जिलों की TASMAC खुदरा दुकानों में यह डिजिटल प्रणाली लागू हो जाएगी।

2. क्या सुपरवाइजर स्टॉक की मात्रा बदल सकते हैं?
हाँ, सुपरवाइजर स्थानीय मांग को देखते हुए सिस्टम द्वारा निर्धारित मात्रा में अधिकतम 20% तक की वृद्धि कर सकते हैं।

Did You Know?: TASMAC का डिजिटलीकरण आपूर्ति श्रृंखला में होने वाली मानवीय गलतियों को लगभग शून्य करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।