अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख केविन वॉर्श ने संकेत दिया है कि यदि जीवन यापन की लागत कम नहीं होती है, तो केंद्रीय बैंक को ब्याज दरों में वृद्धि जैसे कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं।
- केविन वॉर्श ने कहा कि फेड का मुख्य ध्यान वर्तमान में कीमतों पर होना चाहिए।
- महंगाई दर अभी भी फेड के 2% के लक्ष्य से ऊपर (3.4%) बनी हुई है।
- वॉर्श ने 'फॉरवर्ड गाइडेंस' (भविष्य के संकेतों) के अभ्यास की आलोचना की।
- ब्याज दरों का अगला निर्णय 15-16 सितंबर को लिया जाएगा।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक, फेडरल रिजर्व के प्रमुख केविन वॉर्श ने जैक्सन होल आर्थिक नीति संगोष्ठी में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। वॉर्श ने स्पष्ट किया कि यदि अमेरिकी नागरिकों के लिए जीवन यापन की लागत में कमी नहीं आती है, तो नीति निर्माताओं को "काम करना होगा" (work to do), जो सीधे तौर पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी का संकेत दे सकता है।
वॉर्श ने कहा कि हालांकि गर्मियों के दौरान मुद्रास्फीति के आंकड़ों में कुछ सुधार दिखा है, लेकिन यह अभी भी फेड के निर्धारित 2% के लक्ष्य से काफी ऊपर है। जुलाई तक वार्षिक आधार पर कीमतें 3.4% बढ़ी हैं। वॉर्श के अनुसार, जब तक बुनियादी मुद्रास्फीति स्पष्ट रूप से और पर्याप्त गति से लक्ष्य की ओर नहीं बढ़ती, तब तक फेड का प्राथमिक ध्यान कीमतों को नियंत्रित करने पर रहेगा।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि वॉर्श का यह रुख बाजार की अनिश्चितता को बढ़ा सकता है। यदि फेड कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरें बढ़ाता है, तो इसका सीधा असर होम लोन, कार लोन और क्रेडिट कार्ड की दरों पर पड़ेगा, जिससे आम जनता के लिए कर्ज लेना और महंगा हो जाएगा।
"हमें यह विश्वास होना चाहिए कि बुनियादी मुद्रास्फीति हमारे लक्ष्य की ओर स्पष्ट और पर्याप्त गति से बढ़ रही है। अन्यथा, हमारे पास काम करने की गुंजाइश है।" — केविन वॉर्श
वॉर्श ने 2008 के वित्तीय संकट के बाद अपनाई गई 'फॉरवर्ड गाइडेंस' की नीति की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि भविष्य के निर्णयों के बारे में अत्यधिक जानकारी साझा करने से बाजार और व्यवसाय भटक सकते हैं, जिससे फेड की निर्णय लेने की स्वतंत्रता बाधित होती है।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था वर्तमान में भारी दबाव में है। वैश्विक तेल कीमतों में उछाल और अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच, अमेरिकी राष्ट्रीय ऋण $40 ट्रिलियन के पार पहुंच गया है। कांग्रेस की संयुक्त आर्थिक समिति के अनुसार, यह ऋण हर सेकंड लगभग $90,000 की दर से बढ़ रहा है।
Frequently Asked Questions
1. फेडरल रिजर्व ब्याज दरें क्यों बढ़ाता है?
ब्याज दरें बढ़ाने से कर्ज महंगा हो जाता है, जिससे उपभोक्ता खर्च कम करते हैं और अंततः बढ़ती कीमतों (महंगाई) की रफ्तार धीमी हो जाती है।
2. अगली ब्याज दर समीक्षा कब होगी?
फेडरल रिजर्व का अगला महत्वपूर्ण निर्णय 15-16 सितंबर को लिया जाएगा।