मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए बेंगलुरु के अलावा पांच नए औद्योगिक केंद्रों की पहचान करने का आदेश दिया है।
- मुख्यमंत्री ने पांच नए औद्योगिक शहरों की पहचान करने का निर्देश दिया है।
- चयनित शहरों में हवाई अड्डे और उन्नत बुनियादी ढांचा होना अनिवार्य है।
- निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएंगी।
- सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने राज्य के आर्थिक परिदृश्य को बदलने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। शुक्रवार को बेंगलुरु में वाणिज्य और उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बेंगलुरु पर निर्भरता कम करने और राज्य के अन्य हिस्सों में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए पांच उपयुक्त शहरों की पहचान करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इन पांच शहरों का चयन केवल भौगोलिक आधार पर नहीं, बल्कि उनकी बुनियादी सुविधाओं के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे शहरों को प्राथमिकता देने को कहा है जहाँ हवाई अड्डे, बेहतर कनेक्टिविटी और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचा पहले से मौजूद हो या विकसित किया जा सके। इस कदम का मुख्य उद्देश्य राज्य के विभिन्न हिस्सों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कर्नाटक वर्तमान में भारत के औद्योगिक मानचित्र पर एक प्रमुख खिलाड़ी है। बेंगलुरु के बाहर औद्योगिक केंद्रों का विकास न केवल शहरी दबाव को कम करेगा, बल्कि क्षेत्रीय असंतुलन को भी दूर करेगा। इससे राज्य के भीतर एक बहु-ध्रुवीय आर्थिक विकास मॉडल तैयार होगा।
राज्य में औद्योगिक विकेंद्रीकरण से न केवल बुनियादी ढांचे का विकास होगा, बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पलायन भी रुकेगा।
निवेशकों को लुभाने के लिए सरकार विशेष प्रोत्साहन (Special Incentives) प्रदान करने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री ने 'सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम' को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। वर्तमान में, इस प्रणाली के तहत 22 विभागों और 119 सेवाओं को एकीकृत किया गया है, जिससे डिजिटल और समयबद्ध मंजूरी सुनिश्चित की जा सके।
गौरतलब है कि कर्नाटक नीति आयोग के 'इन्वेस्टर-फ्रेंडली इंडेक्स' में नौवें स्थान पर है। पिछले तीन वर्षों में, कर्नाटक ने ₹5.58 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करके देश के विनिर्माण क्षेत्र में तीसरा स्थान हासिल किया है। सरकार अब आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से भी निवेश आकर्षित करने की रणनीतियों पर काम कर रही है।
Frequently Asked Questions
1. मुख्यमंत्री ने किन शहरों को प्राथमिकता देने को कहा है?
मुख्यमंत्री ने उन शहरों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है जहाँ हवाई अड्डे और मजबूत बुनियादी ढांचा उपलब्ध है।
2. सिंगल-विंडो सिस्टम में कितने विभाग शामिल हैं?
वर्तमान में 22 विभागों और 119 सेवाओं को इस डिजिटल प्रणाली के तहत एकीकृत किया गया है।