तमिलनाडु लघु एवं सूक्ष्म उद्योग संघ (TANSTIA) ने सरकार से भूमि स्व-प्रमाणन की सीमा बढ़ाने और बिजली एवं प्रदूषण नियंत्रण शुल्क को तर्कसंगत बनाने का आग्रह किया है। संघ ने MSMEs के लिए वित्तीय बोझ कम करने हेतु कई महत्वपूर्ण सुधारों का प्रस्ताव दिया है।

  • भूमि स्व-प्रमाणन सीमा को 25,000 वर्ग फुट तक बढ़ाने का प्रस्ताव।
  • MSMEs के लिए बिजली दरों और प्रदूषण नियंत्रण शुल्क में कटौती की मांग।
  • ऋण पंजीकरण शुल्क (MoDT) के ढांचे में सुधार का सुझाव।
  • औद्योगिक टाउनशिप फ्रेमवर्क के प्रभावी कार्यान्वयन पर जोर।

कोयंबटूर: तमिलनाडु लघु एवं सूक्ष्म उद्योग संघ (TANSTIA) ने राज्य सरकार के राजस्व वृद्धि समिति को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर औद्योगिक विकास को गति देने के लिए कई नीतिगत बदलावों की मांग की है। संघ के अध्यक्ष एस. वासुदेवन ने तर्क दिया कि वर्तमान नियम छोटे उद्योगों के लिए बाधा बन रहे हैं।

स्व-प्रमाणन और भूमि उपयोग में सुधार

TANSTIA ने नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशालय से भूमि स्व-प्रमाणन की सीमा को संशोधित करने का आग्रह किया है। संघ के अनुसार, भूमि के लिए इसे 25,000 वर्ग फुट और औद्योगिक स्टील निर्माण के लिए 20,000 वर्ग फुट तक बढ़ाया जाना चाहिए। इसके साथ ही, स्व-प्रमाणन शुल्क को उद्यम के आकार और श्रेणी के आधार पर निर्धारित करने का सुझाव दिया गया है ताकि छोटे उद्योगों पर अनावश्यक बोझ न पड़े।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यदि इन सीमाओं को बढ़ाया जाता है, तो MSMEs के लिए निर्माण प्रक्रिया में लगने वाला समय और प्रशासनिक जटिलताएं काफी कम हो जाएंगी, जिससे 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' में सुधार होगा।

प्रशासनिक बाधाओं को कम करना और बिजली दरों को तर्कसंगत बनाना ही सूक्ष्म उद्योगों की उत्तरजीविता की कुंजी है।

ऊर्जा और पर्यावरण अनुपालन की चुनौतियां

संघ ने बिजली दरों, विशेष रूप से LT CT उपभोक्ताओं के लिए, अत्यधिक उच्च होने की समस्या उठाई है। TANSTIA ने मांग-आधारित बिलिंग प्रणाली और सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए विशेष प्रोत्साहन देने की मांग की है। इसके अलावा, तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा वसूले जाने वाले सहमति शुल्क (Consent Fees) को भी उद्यम के टर्नओवर और आकार (सूक्ष्म, लघु, मध्यम आदि) के आधार पर श्रेणीबद्ध करने का प्रस्ताव दिया गया है।

वित्तीय बोझ और ऋण पंजीकरण

वर्तमान में, ऋण पंजीकरण के लिए लगने वाला MoDT शुल्क MSMEs के लिए एक बड़ा खर्च है। संघ ने सुझाव दिया है कि इस शुल्क को ऋण राशि से जोड़ा जाना चाहिए और 100 करोड़ रुपये तक के MSME ऋणों के लिए एक उचित सीमा निर्धारित की जानी चाहिए।

Did You Know?: भारत में MSME क्षेत्र कुल निर्यात का लगभग 45% हिस्सा कवर करता है, जो अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।

Frequently Asked Questions

1. TANSTIA मुख्य रूप से क्या मांग कर रहा है?
TANSTIA भूमि स्व-प्रमाणन सीमा बढ़ाने, बिजली दरों को कम करने और MSMEs के लिए अनुपालन बोझ कम करने की मांग कर रहा है।

2. स्व-प्रमाणन सीमा बढ़ाने का क्या लाभ होगा?
इससे छोटे उद्योगों को निर्माण के लिए सरकारी विभागों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी और निर्माण प्रक्रिया तेज होगी।