भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने मसालों के दिग्गज ब्रांड एवेरेस्ट और लालजी गोदू को नोटिस जारी किया है। जांच में हींग में गैर-अनुमेय अल्कोहल और मसालों की गलत ब्रांडिंग का खुलासा हुआ है।

  • FSSAI ने एवेरेस्ट और लालजी गोदू को खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के लिए नोटिस जारी किया।
  • हींग पाउडर में 3.29% से 4.4% तक गैर-अनुमेय अल्कोहल अंश पाए गए।
  • चिकन मसाला, अंडा करी मसाला और गरम मसाला जैसे लोकप्रिय मिश्रणों में भी अनुपालन संबंधी समस्याएं मिलीं।

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश के प्रमुख मसाला निर्माताओं, एवेरेस्ट और लालजी गोदू के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए नोटिस जारी किए हैं। हालिया नियामक समीक्षाओं में पाया गया कि इन कंपनियों द्वारा उत्पादित हींग पाउडर न केवल गलत तरीके से ब्रांड किया गया है, बल्कि यह मानक स्तर से भी काफी नीचे है।

जांच रिपोर्ट के अनुसार, पीली हींग में 3.29% और काली हींग पाउडर में 4.4% तक गैर-अनुमेय अल्कोहल अर्क (alcoholic extracts) की उपस्थिति दर्ज की गई है। यह खाद्य सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन है, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय हो सकता है।

मसाला मिश्रणों में भी खामियां

केवल हींग ही नहीं, बल्कि दैनिक उपयोग किए जाने वाले अन्य मसाला मिश्रणों में भी गंभीर विसंगतियां पाई गई हैं। इसमें चिकन मसाला, अंडा करी मसाला और गरम मसाला जैसे लोकप्रिय उत्पाद शामिल हैं। नियामक ने पाया कि ये उत्पाद निर्धारित मानकों और लेबलिंग नियमों का पालन करने में विफल रहे हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि खाद्य सुरक्षा मानकों में यह ढिलाई सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य और विश्वास से जुड़ी है। जब स्थापित ब्रांड सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हैं, तो यह पूरी खाद्य आपूर्ति श्रृंखला की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है।

खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन केवल एक तकनीकी त्रुटि नहीं है, बल्कि यह उपभोक्ता स्वास्थ्य के साथ एक गंभीर समझौता है।

यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इन निर्माताओं को पहले भी उत्पाद सुरक्षा और कीटनाशक (pesticide) के अत्यधिक स्तरों के संबंध में चेतावनियां दी जा चुकी हैं। बावजूद इसके, सुधार न होने के कारण FSSAI ने अब इस कठोर कार्रवाई का निर्णय लिया है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में मसालों की मिलावट एक पुरानी और जटिल समस्या रही है। पिछले कुछ वर्षों में, FSSAI ने मसालों में कृत्रिम रंगों और कीटनाशकों के अवशेषों को लेकर कई बड़े ब्रांडों पर नकेल कसी है। यह मामला दर्शाता है कि नियामक संस्थाएं अब अधिक सक्रिय और सख्त हो रही हैं।

Did You Know?: हींग को अक्सर सुगंध के लिए अल्कोहल में घोला जाता है, लेकिन खाद्य मानकों के अनुसार इसकी मात्रा बहुत सीमित होनी चाहिए।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: FSSAI ने किन ब्रांडों पर कार्रवाई की है?
उत्तर: FSSAI ने एवेरेस्ट और लालजी गोदू मसाला ब्रांडों को नोटिस जारी किया है।

प्रश्न 2: हींग में क्या समस्या पाई गई?
उत्तर: हींग में गैर-अनुमेय मात्रा में अल्कोहल के अंश और गलत ब्रांडिंग पाई गई है।