केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि संशोधित ऑफटेक ढांचे के बावजूद कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) की कीमतों पर उपभोक्ताओं पर कोई बड़ा बोझ नहीं पड़ेगा। सरकार वित्तीय सहायता प्रदान करके स्थिरता सुनिश्चित करेगी।

  • CBG ऑफटेक मूल्य ₹2,110 प्रति MMBTU निर्धारित किया गया है।
  • सरकार ₹10 प्रति किलोग्राम की सब्सिडी/कुशन प्रदान करेगी।
  • नया ढांचा गैस पूल के आकार को 2.5 से 3 गुना बढ़ा देगा।
  • उपभोक्ताओं पर मूल्य प्रभाव नगण्य रहने की उम्मीद है।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने हाल ही में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) की बढ़ती कीमतों को लेकर उठ रही चिंताओं को खारिज कर दिया है। मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि संशोधित ऑफटेक मूल्य ढांचे के बावजूद, सरकारी वित्तीय सहायता और एक व्यापक गैस पूल के माध्यम से कीमतों को नियंत्रित रखा जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं पर कोई महत्वपूर्ण आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।

गौरतलब है कि 6 अगस्त को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने GOBARdhan योजना को मंजूरी दी थी, जिसके तहत CBG ऑफटेक मूल्य को ₹2,110 प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (MMBTU) तय किया गया है। मंत्रालय के अनुसार, इस नई मूल्य निर्धारण नीति का उद्देश्य उत्पादकों को एक 'स्थिर और व्यवहार्य' मूल्य प्रदान करना है ताकि वे दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ संचालन कर सकें।

महत्वपूर्ण वित्तीय संरचना

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ऑफटेक की पूरी लागत गैस उपभोक्ताओं से वसूल नहीं की जाएगी। सरकार ₹10 प्रति किलोग्राम CBG की दर से एक 'किफायती कुशन' (affordability cushion) प्रदान करेगी। यह राशि लगभग ₹215 प्रति MMBTU (95% मीथेन सामग्री के साथ) के बराबर है। इस वित्तीय सहायता के बाद, प्रभावी रूप से CBG की लागत ₹1,895 प्रति MMBtu होगी, जो वर्तमान ₹1,478 प्रति MMBtu की तुलना में लगभग 28% अधिक है।

सरकार का नया मॉडल उत्पादकों के लिए लाभप्रदता और उपभोक्ताओं के लिए सामर्थ्य के बीच एक सूक्ष्म संतुलन बनाने का प्रयास है।

BozokMedia विश्लेषण: यह क्यों मायने रखता है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम भारत के ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) के लिए महत्वपूर्ण है। पहले, CBG की लागत एक सीमित गैस पूल में विभाजित की जाती थी। अब, नई नीति के तहत, CBG की लागत को एक ऐसे घरेलू गैस पूल में फैलाया जाएगा जो पिछले आधार की तुलना में लगभग 2.5 से 3 गुना बड़ा है।

इस व्यापक वितरण के कारण, व्यक्तिगत गैस उपभोक्ता पर पड़ने वाला मूल्य प्रभाव नगण्य होगा। यह रणनीति न केवल बायोगैस उत्पादन को प्रोत्साहित करेगी बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूत करेगी।

विवरणपुरानी व्यवस्थानई व्यवस्था (सब्सिडी के बाद)
मूल्य (प्रति MMBtu)₹1,478₹1,895
गैस पूल का आकारसीमित2.5 से 3 गुना बड़ा
उपभोक्ता प्रभावप्रत्यक्ष प्रभाव संभवनगण्य प्रभाव
Did You Know?: GOBARdhan योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि अवशेषों को मूल्यवान ऊर्जा स्रोतों में बदलना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।

Frequently Asked Questions

1. क्या CBG की कीमतों से रसोई गैस महंगी हो जाएगी?
नहीं, मंत्रालय के अनुसार, नए गैस पूल के कारण उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव नगण्य होगा।

2. सरकार कितनी सहायता प्रदान कर रही है?
सरकार ₹10 प्रति किलोग्राम की दर से वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है।