सेलम के व्यापारियों ने नगर निगम द्वारा वाणिज्यिक संपत्तियों पर लगाए गए भारी संपत्ति कर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर करों में कटौती नहीं की गई, तो शहर की दुकानें पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी।
- सेलम व्यापारियों ने वाणिज्यिक संपत्तियों पर ₹28 प्रति वर्ग फुट का कर विरोध किया।
- कोयंबटूर और तिरुचि जैसे शहरों में अधिकतम कर केवल ₹16 प्रति वर्ग फुट है।
- व्यापारियों ने 10 दिनों के भीतर मांगें पूरी न होने पर हड़ताल की चेतावनी दी है।
- नगर निगम का अनुमानित वार्षिक कर राजस्व ₹207 करोड़ है।
तमिलनाडु के सेलम शहर में वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के मालिकों और व्यापारियों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। सेलम सिटी चैंबर ऑफ कॉमर्स के नेतृत्व में व्यापारियों ने नगर निगम द्वारा निर्धारित संपत्ति कर की दरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। व्यापारियों का आरोप है कि वर्तमान कर दरें न केवल अत्यधिक हैं, बल्कि अन्य प्रमुख शहरों की तुलना में अनुचित रूप से अधिक भी हैं।
कर दरों में भारी विसंगति का आरोप
सेलम सिटी चैंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव ए. जयसीलन ने खुलासा किया कि नगर निगम ने वाणिज्यिक भवनों के लिए संपत्ति कर ₹28 प्रति वर्ग फुट निर्धारित किया है। यह दर पड़ोसी शहरों जैसे कोयंबटूर और तिरुचि की तुलना में काफी अधिक है, जहां अधिकतम कर केवल ₹16 प्रति वर्ग फुट है। व्यापारियों का तर्क है कि सेलम में कर का बोझ अन्य विकसित शहरों की तुलना में लगभग दोगुना है, जिससे व्यापार करना मुश्किल हो गया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कर संरचना में यह असंतुलन स्थानीय अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। यदि व्यापारिक गतिविधियां बाधित होती हैं, तो इसका सीधा असर शहर के राजस्व और रोजगार पर पड़ेगा।
व्यापारियों का यह भी आरोप है कि नगर निगम ने औद्योगिक और वाणिज्यिक संरचनाओं के बीच उचित वर्गीकरण नहीं किया है। उन्होंने कहा कि वे पिछले कई महीनों में 20 से अधिक बार अधिकारियों से मिले हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकाला गया।
सेलम के व्यापारियों का यह विरोध केवल करों के बारे में नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक पारदर्शिता और उचित वर्गीकरण की मांग है।
राजनीतिक मोर्चे पर भी इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है। वार्ड 34 के पार्षद ईसन डी. एलंगो (DMK) ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने क्षेत्रों को ए, बी और सी केंद्रों के रूप में सही ढंग से वर्गीकृत नहीं किया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि करों को कम करने के लिए पारित किए गए प्रस्ताव को सरकार को ठीक से नहीं भेजा गया और परिषद की बैठकों के मिनट्स में भी विसंगतियां पाई गई हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, सेलम शहर में संपत्ति कर में 20 वर्षों के बाद 2022 में वृद्धि की गई थी। इस वृद्धि के लिए परिषद की बैठक में प्रस्ताव पारित किए गए थे, जिसे अब व्यापारी अन्यायपूर्ण मान रहे हैं।
| शहर | अधिकतम संपत्ति कर (प्रति वर्ग फुट) |
|---|---|
| सेलम | ₹28 |
| कोयंबटूर | ₹16 |
| तिरुचि | ₹16 |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: व्यापारी किस बात से नाराज हैं?
उत्तर: व्यापारी वाणिज्यिक भवनों पर लगाए गए ₹28 प्रति वर्ग फुट के अत्यधिक संपत्ति कर से नाराज हैं।
प्रश्न 2: हड़ताल की चेतावनी कब दी गई है?
उत्तर: यदि अगले 10 दिनों में करों में कटौती नहीं की गई, तो व्यापारी दुकानें बंद करने की चेतावनी दे चुके हैं।