हेरो मोटोकॉर्प ने सिंगापुर के GIC से 1.48 हजार रुपये प्रति शेयर पर 1.19 करोड़ शेयर खरीदकर ऐधर एनर्जी में अपनी हिस्सेदारी 29.88% से बढ़ाकर 32.8% कर दी। यह कदम इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में कंपनी की पकड़ को मजबूत करेगा।
- हेरो ने 1,758.24 करोड़ रुपये निवेश कर ऐधर में 32.8% हिस्सेदारी हासिल की
- लेन‑देन को किसी सरकारी या नियामक मंजूरी की जरूरत नहीं
- ऐधर का बाजार मूल्य अब लगभग 63,762 करोड़ रुपये (लगभग $6.7 बिलियन) है
हेरो मोटोकॉर्प ने सिंगापुर के सॉवरिन वेल्थ फंड GIC से 1.48 हजार रुपये प्रति शेयर पर 1.19 करोड़ शेयर खरीदे, जिससे उसकी ऐधर एनर्जी में हिस्सेदारी 29.88% से बढ़कर 32.8% हो गई। यह लेन‑देन नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 28 अगस्त को पूरा किया और कुल मूल्य लगभग 1,758.24 करोड़ रुपये रहा।
ऐधर एनर्जी, जो इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में कार्यरत है, ने FY26 में 3,671.76 करोड़ रुपये का टर्नओवर दर्ज किया, जो FY25 के 2,255 करोड़ रुपये से उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। कंपनी ने हाल ही में 1,200 करोड़ रुपये की प्राथमिक इश्यू के माध्यम से फंड जुटाए, जिसमें हेरो ने लगभग 960 करोड़ रुपये और इंडिया‑जापान फंड (IJF) ने 200 करोड़ रुपये निवेश किए।
वहां के अनुसार, ऐधर ने जुलाई में 28,819 रजिस्ट्रेशन के साथ 14.89% बाजार हिस्सेदारी के साथ तीसरा स्थान बनाए रखा, हालांकि यह महीने‑दर‑महिने 8.3% गिरावट दर्शाता है। इस नवीनतम सौदे के बाद, ऐधर के शेयर 8% बढ़कर 1,616.3 रुपये पर बंद हुए, जिससे कंपनी का बाजार पूंजीकरण 63,762 करोड़ रुपये (लगभग $6.7 बिलियन) तक पहुंच गया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि हेरो का इस तरह का बड़ा निवेश इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में उसकी रणनीतिक दिशा को स्पष्ट करता है। भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) अपनाने की गति तेज़ होने के साथ, प्रमुख दोपहिया निर्माताओं के बीच सहयोग और निवेश बढ़ रहा है, जिससे प्रतिस्पर्धा और नवाचार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
"हेरो की इस कदम से भारतीय EV इकोसिस्टम में पूँजी प्रवाह तेज़ होगा और नई तकनीकी विकास को गति मिलेगी," कहा उद्योग विशेषज्ञ अजय सिंह ने।
Frequently Asked Questions
Q1: क्या हेरो मोटोकॉर्प को इस निवेश के लिए किसी नियामक मंजूरी की आवश्यकता थी?
A: नहीं, कंपनी ने बताया कि इस लेन‑देन को किसी सरकारी या नियामक मंजूरी की जरूरत नहीं थी।
Q2: इस निवेश से ऐधर की भविष्य की योजनाओं पर क्या असर पड़ेगा?
A: बढ़ी हुई पूँजी कंपनी को नई मॉडल विकास, चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद करेगी।