भारत ने फार्मास्युटिकल उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ब्राजील में एक अधिक पूर्वानुमानित नियामक वातावरण की मांग की है और व्यापार को $30 बिलियन तक ले जाने के लिए Mercosur ब्लॉक के साथ व्यापार समझौते के विस्तार पर सहमति जताई है।

  • भारत ने फार्मा उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ाने के लिए ब्राजील में पारदर्शी नियामक ढांचे की मांग की।
  • भारत और ब्राजील Mercosur व्यापार समझौते के विस्तार के लिए 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' को जल्द अंतिम रूप देने पर सहमत हुए।
  • 2025-26 में $15.07 बिलियन रहे द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक $30 बिलियन तक ले जाने का लक्ष्य।

दुनिया की 'फार्मेसी' के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए, भारत ने ब्राजील से फार्मास्युटिकल निर्यात के लिए एक अधिक पूर्वानुमानित और सरल नियामक वातावरण बनाने का अनुरोध किया है। यह मुद्दा ब्रासीलिया में आयोजित भारत-ब्राजील व्यापार निगरानी तंत्र (TMM) की आठवीं बैठक के दौरान उठा, जिसमें वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।

बैठक का मुख्य केंद्र भारतीय फार्मा उत्पादों के लिए बाजार पहुंच को आसान बनाना था। भारत ने इस बात पर जोर दिया कि नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाकर, ब्राजील सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर सकता है, जिससे वहां की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा और भारतीय निर्यात में वृद्धि होगी।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि नियामक पूर्वानुमान के लिए भारत का दबाव केवल व्यापार मात्रा के बारे में नहीं है, बल्कि लैटिन अमेरिकी बाजारों में नौकरशाही बाधाओं से जुड़े जोखिमों को कम करने के बारे में है। जैसे-जैसे भारत अमेरिका और यूरोपीय संघ के अलावा अन्य गंतव्यों की तलाश कर रहा है, ब्राजील दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है।

"एक सीमित तरजीही व्यापार समझौते से व्यापक व्यापार समझौते की ओर संक्रमण, Mercosur क्षेत्र में भारत के औद्योगिक विस्तार के लिए उत्प्रेरक साबित होगा।"

फार्मा के अलावा, Mercosur ब्लॉक के साथ संबंधों में बड़ी प्रगति हुई है, जिसमें ब्राजील, अर्जेंटीना, उरुग्वे और परागुआय शामिल हैं। भारत और ब्राजील मौजूदा भारत-Mercosur तरजीही व्यापार समझौते (PTA) के दायरे को बढ़ाने के लिए 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' को जल्द पूरा करने पर सहमत हुए हैं। 1 जून, 2009 से प्रभावी यह PTA वर्तमान में बहुत सीमित है और इसमें केवल 450 टैरिफ लाइनें या उत्पाद शामिल हैं।

आर्थिक आंकड़े इस साझेदारी की अहमियत दर्शाते हैं। 2025 में भारत-Mercosur द्विपक्षीय व्यापार $20.84 बिलियन तक पहुंच गया, जबकि 2025-26 की अवधि में भारत और ब्राजील के बीच व्यापार $15.07 बिलियन रहा। अब दोनों देशों ने 2030 तक इस व्यापार को $30 बिलियन तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

मानकवर्तमान स्थिति (2025-26)2030 लक्ष्य
भारत-ब्राजील द्विपक्षीय व्यापार$15.07 बिलियन$30 बिलियन
भारत-Mercosur व्यापार$20.84 बिलियनविस्तार प्रक्रियाधीन
PTA दायरा450 टैरिफ लाइनेंपूर्ण व्यापार समझौता
क्या आप जानते हैं?: Mercosur दुनिया के सबसे बड़े साझा बाजारों में से एक है, जिसे सदस्य देशों के बीच वस्तुओं, लोगों और मुद्रा के मुक्त प्रवाह को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

व्यापार समझौते में 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' क्या होते हैं?
यह एक सहमत ढांचा होता है जो दो या दो से अधिक व्यापारिक भागीदारों के बीच बातचीत के दायरे, उद्देश्यों और नियमों को निर्धारित करता है।

Mercosur ब्लॉक में कौन से देश शामिल हैं?
इस ब्लॉक में मुख्य रूप से ब्राजील, अर्जेंटीना, उरुग्वे और परागुआय शामिल हैं।