इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपनी अब तक की सबसे अधिक प्राकृतिक गैस बिक्री दर्ज की है और 2030 तक इसे 1.5 गुना बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
- IOCL ने 2030 तक प्राकृतिक गैस की बिक्री को 1.5 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
- वित्तीय वर्ष 2025-26 में 7.09 MMT की रिकॉर्ड गैस बिक्री दर्ज की गई।
- रिफाइनिंग क्षमता को 80.75 MMTPA से बढ़ाकर 98 MMTPA करने की योजना है।
- पेट्रोकेमिकल तीव्रता सूचकांक को 2030 तक 15% तक ले जाने का लक्ष्य।
राज्य स्वामित्व वाली तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) ने अपने भविष्य के विकास के लिए एक आक्रामक रोडमैप तैयार किया है। सोमवार को शेयरधारकों की वार्षिक आम बैठक (AGM) को संबोधित करते हुए कंपनी के अध्यक्ष अरविंदर सिंह सहनी ने घोषणा की कि कंपनी 2030 तक अपनी प्राकृतिक गैस की बिक्री को वर्तमान स्तर से 1.5 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रख रही है।
कंपनी के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 एक ऐतिहासिक वर्ष रहा, जिसमें 7.09 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) की अब तक की सबसे अधिक प्राकृतिक गैस बिक्री दर्ज की गई। इसके साथ ही, कंपनी के सिटी गैस वितरण (CGD) व्यवसाय ने भी सकारात्मक EBITDA हासिल किया है, जो परिचालन दक्षता में सुधार का संकेत देता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, इंडियन ऑयल का यह कदम भारत के 'गैस-आधारित अर्थव्यवस्था' बनने के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप है। वैश्विक गैस वैल्यू चेन में विस्तार करके, IOCL न केवल अपनी राजस्व धाराओं में विविधता ला रहा है, बल्कि कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है। यह रणनीति कंपनी को पारंपरिक ईंधन से हटकर स्वच्छ ऊर्जा की ओर ले जाएगी।
"प्राकृतिक गैस की बिक्री में यह वृद्धि और रिफाइनिंग क्षमता का विस्तार भारतीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।"
रिफाइनिंग क्षमता के मोर्चे पर, IOCL देश के 300 MMTPA के कुल लक्ष्य में 40% से अधिक का योगदान देने की तैयारी में है। कंपनी कई महत्वपूर्ण विस्तार परियोजनाओं पर काम कर रही है, जिनमें पानीपत रिफाइनरी (15 से 25 MMTPA), गुजरात (13.7 से 18 MMTPA) और बरौनी (6 से 9 MMTPA) शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर कुल क्षमता 80.75 MMTPA से बढ़कर 98 MMTPA हो जाएगी।
इसके अलावा, कंपनी अपने पेट्रोकेमिकल तीव्रता सूचकांक (Petrochemical Intensity Index) को 2030 तक 15% तक बढ़ाने का लक्ष्य रख रही है। इसका अर्थ है कि कंपनी प्रति बैरल कच्चे तेल से डीजल और पेट्रोल के बजाय अधिक रासायनिक उत्पाद बनाने की क्षमता विकसित करेगी, जिससे लाभ मार्जिन में वृद्धि होगी।
| रिफाइनरी | वर्तमान क्षमता (MMTPA) | प्रस्तावित क्षमता (MMTPA) |
|---|---|---|
| पानीपत | 15 | 25 |
| गुजरात | 13.7 | 18 |
| बरौनी | 6 | 9 |
Frequently Asked Questions
1. इंडियन ऑयल का 2030 तक का मुख्य लक्ष्य क्या है?
मुख्य लक्ष्य प्राकृतिक गैस की बिक्री को 1.5 गुना बढ़ाना और रिफाइनिंग क्षमता को 98 MMTPA तक ले जाना है।
2. किन रिफाइनरियों का विस्तार किया जा रहा है?
पानीपत, गुजरात और बरौनी रिफाइनरियों की क्षमता बढ़ाई जा रही है।