इरोड जिला व्यापार और उद्योग संघों के महासंघ (FATIA) ने व्यापारियों की शिकायतों के समाधान के लिए राज्य और जिला स्तर पर जीएसटी सलाहकार समितियों के गठन की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने टैक्स कटौती और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 11 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए हैं।
- जीएसटी शिकायतों के लिए मुख्यमंत्री और कलेक्टर की अध्यक्षता में सलाहकार पैनल की मांग।
- कपड़ा उत्पादों पर जीएसटी को 5% से घटाकर 3% करने का प्रस्ताव।
- सॉ मिल लाइसेंस नवीनीकरण के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के NOC की अनिवार्यता हटाने की अपील।
- इरोड शहर में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए रिंग रोड प्रोजेक्ट की मांग।
तमिलनाडु के इरोड जिले में व्यापारिक समुदाय ने कर प्रणाली और प्रशासनिक बाधाओं के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है। फेडरेशन ऑफ ऑल ट्रेड एंड इंडस्ट्री एसोसिएशंस ऑफ इरोड डिस्ट्रिक्ट (FATIA) की हालिया आम बैठक में व्यापारियों ने अपनी गंभीर चिंताओं को साझा किया और सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।
महासंघ ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि व्यापारियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक विशेष जीएसटी करदाता सलाहकार समिति का गठन किया जाए। उनकी मांग है कि राज्य स्तर पर इस समिति की अध्यक्षता मुख्यमंत्री द्वारा और जिला स्तर पर जिला कलेक्टर द्वारा की जाए, ताकि नौकरशाही की जटिलताओं को कम किया जा सके।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मांग?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इरोड जैसे औद्योगिक केंद्र में, जहां कपड़ा और लकड़ी का व्यापार मुख्य है, कर नियमों में अस्पष्टता और प्रशासनिक देरी सीधे तौर पर व्यापार की लागत को बढ़ाती है। जब तक व्यापारियों को सीधे संवाद का मंच नहीं मिलता, तब तक जीएसटी अनुपालन (compliance) एक बोझ बना रहेगा।
"कर प्रशासन में पारदर्शिता और व्यापारियों की सीधी भागीदारी ही जीएसटी प्रणाली को वास्तव में 'सहज' बना सकती है।"
टैक्स के अलावा, संघ ने पर्यावरण नियमों पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि घरेलू और औद्योगिक उपयोग के लिए लकड़ी बेचने वाली सॉ मिलों को नए NOC के बिना लाइसेंस नवीनीकरण की अनुमति दी जाए, क्योंकि उनका तर्क है कि ये इकाइयां सार्वजनिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाला प्रदूषण नहीं फैलाती हैं।
बुनियादी ढांचे की बात करें तो, FATIA ने इरोड में यातायात की समस्या को सुलझाने के लिए एक रिंग रोड प्रोजेक्ट की मांग की है। साथ ही, उन्होंने शहर के भीतर अतिक्रमण हटाने और सड़कों को चौड़ा करने का आग्रह किया है ताकि औद्योगिक विकास को गति मिल सके।
स्वास्थ्य और सुरक्षा के मोर्चे पर, वीरप्पनचत्रम और अशोकपुरम जैसे क्षेत्रों में पावरलूम इकाइयों से निकलने वाले कपास के कचरे (waste cotton) के नियमित निपटान की मांग की गई है। संघ का कहना है कि सड़कों के किनारे जमा यह कचरा न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि आग लगने की घटनाओं के जोखिम को भी बढ़ाता है।
| विषय | वर्तमान स्थिति | FATIA की मांग |
|---|---|---|
| कपड़ा जीएसटी | 5% | 3% |
| जीएसटी नोटिस | डिजिटल/सामान्य | पंजीकृत डाक द्वारा सीधा प्रेषण |
| सॉ मिल लाइसेंस | नया NOC अनिवार्य | बिना NOC नवीनीकरण |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. FATIA ने जीएसटी दर में किस बदलाव की मांग की है?
महासंघ ने केंद्र सरकार से कपड़ा उत्पादों पर जीएसटी को 5% से घटाकर 3% करने का अनुरोध किया है।
2. व्यापारियों ने रिंग रोड की मांग क्यों की है?
शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम को कम करने और औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच को आसान बनाने के लिए रिंग रोड की मांग की गई है।