तमिलनाडु सरकार ने MSME क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए नए औद्योगिक पार्कों और एक व्यापक नई नीति की घोषणा की है। इसमें महिलाओं के लिए विशेष पार्क और AI आधारित तकनीक पर जोर दिया जाएगा।
- महिलाओं के लिए विशेष औद्योगिक पार्कों की स्थापना की जाएगी।
- नई MSME नीति में AI, ऑटोमेशन और Industry 4.0 पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
- SIDCO द्वारा तिरुवल्लुर और कांचीपुरम में 171.39 करोड़ रुपये की लागत से नए एस्टेट बनाए जाएंगे।
- प्लॉट उपयोग के लिए समय सीमा 2 से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दी गई है।
तमिलनाडु विधानसभा में बोलते हुए, MSME मंत्री पी. मथन राजा ने राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र के कायाकल्प के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना का अनावरण किया। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य नए औद्योगिक पार्कों के माध्यम से निवेश को बढ़ावा देना और उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है।
इस पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू महिला सशक्तिकरण है। मंत्री ने घोषणा की कि महिलाओं के लिए विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे। इनमें शंकरापेरी (थूथुकुडी) में 10 एकड़, नारसिंगनल्लूर (तिरुनेलवेली) में 15 एकड़ और पालैयापट्टी SIPCOT इंडस्ट्रियल एस्टेट (तंजावुर) में 10 एकड़ का क्षेत्र शामिल है। ये पार्क महिला उद्यमियों को एक सुरक्षित और सहायक पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करेंगे।
तकनीकी प्रगति और नई नीति
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए, तमिलनाडु एक नई व्यापक MSME नीति तैयार कर रहा है। BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह नीति केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह Industry 4.0, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), और ऑटोमेशन जैसे आधुनिक तकनीकी मानकों को अपनाने पर केंद्रित होगी। इससे राज्य के लघु उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उतरने में मदद मिलेगी।
तकनीकी उन्नयन और महिला नेतृत्व के साथ, तमिलनाडु भारत के औद्योगिक मानचित्र पर एक नया अध्याय लिख रहा है।
SIDCO (तमिलनाडु लघु उद्योग विकास निगम) की भूमिका इस विस्तार में अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। SIDCO तिरुवल्लुर और कांचीपुरम जिलों में 234.38 एकड़ में फैले पांच नए औद्योगिक एस्टेट स्थापित करेगा, जिसकी कुल लागत ₹171.39 करोड़ है। इसके अतिरिक्त, विल्लुपुरम के कट्टरामपक्कम में भी एक नया एस्टेट विकसित किया जाएगा।
क्षेत्रीय विकास और विशेष पार्क
सरकार ने औद्योगिक रूप से पिछड़े जिलों, जैसे पेरम्बलूर और मैलदथुरई में भी ध्यान केंद्रित किया है। इसके अलावा, विशिष्ट उद्योगों के लिए विशेष पार्क बनाए जा रहे हैं, जैसे पोल्लची में नारियल आधारित MSMEs के लिए 'कोकोनट इंडस्ट्रियल एस्टेट' और तिरुचिरापल्ली में एक नया 'मेडिकल टेक्नोलॉजी पार्क'।
| परियोजना का प्रकार | स्थान | अनुमानित लागत/क्षेत्र |
|---|---|---|
| महिला औद्योगिक पार्क | शंकरापेरी, नारसिंगनल्लूर, तंजावुर | विविध (10-15 एकड़) |
| SIDCO नए एस्टेट | तिरुवल्लुर, कांचीपुरम | ₹171.39 करोड़ |
| कोकोनट इंडस्ट्रियल एस्टेट | पोल्लची, कोयंबटूर | ₹11.50 करोड़ |
| मेडिकल टेक पार्क | तिरुचिरापल्ली | ₹2.06 करोड़ |
Frequently Asked Questions
1. नई MSME नीति का मुख्य फोकस क्या है?
नई नीति का मुख्य उद्देश्य निवेश, उद्यमिता, AI, ऑटोमेशन और Industry 4.0 को बढ़ावा देना है।
2. SIDCO ने उद्यमियों के लिए क्या राहत दी है?
SIDCO ने आवंटित प्लॉट का उपयोग करने के लिए दी जाने वाली समय सीमा को दो वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष कर दिया है।