अमेरिकी अर्थशास्त्री स्कॉट बेसेन्ट ने दावा किया है कि नए तेल पाइपलाइनों के विस्तार के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य का रणनीतिक महत्व तेजी से खत्म हो रहा है। उनका मानना है कि अगले दो वर्षों में यह क्षेत्र वैश्विक तेल व्यापार के लिए अप्रासंगिक हो सकता है।
- स्कॉट बेसेन्ट के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य अगले दो वर्षों में 'बेकार पानी का टुकड़ा' बन सकता है।
- नए तेल पाइपलाइनों का विकास इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की निर्भरता को कम कर रहा है।
- ईरान पर बढ़ते आर्थिक दबाव और चीन-अमेरिका के बीच ईरान को लेकर साझा हितों के संकेत मिले हैं।
प्रमुख अमेरिकी आर्थिक रणनीतिकार स्कॉट बेसेन्ट ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक बड़े बदलाव की भविष्यवाणी की है। बेसेन्ट का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz), जो वर्तमान में दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापारिक मार्गों में से एक है, अगले दो वर्षों के भीतर अपनी रणनीतिक प्रासंगिकता खो देगा। उन्होंने इसे भविष्य में केवल 'बेकार पानी का एक टुकड़ा' करार दिया है।
इस नाटकीय बदलाव का मुख्य कारण वैश्विक तेल बुनियादी ढांचे में हो रहा बदलाव है। जैसे-जैसे नए और अधिक कुशल तेल पाइपलाइनों का जाल बिछाया जा रहा है, जो पारंपरिक समुद्री मार्गों को बायपास करते हैं, वैसे-वैसे होर्मुज जैसे संकीर्ण जलमार्गों पर निर्भरता कम होती जा रही है। यह विकास न केवल ऊर्जा सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भू-राजनीतिक तनावों के बीच एक सुरक्षा कवच भी प्रदान करता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यदि बेसेन्ट की भविष्यवाणी सच होती है, तो यह मध्य पूर्व की भू-राजनीतिक शक्ति संरचना को पूरी तरह से बदल देगा। होर्मुज पर नियंत्रण रखने की क्षमता, जो अब तक ईरान के खिलाफ एक बड़ा रणनीतिक हथियार रही है, काफी कमजोर पड़ जाएगी। इससे वैश्विक तेल कीमतों में अस्थिरता और नए व्यापारिक केंद्रों का उदय हो सकता है।
होर्मुज का महत्व कम होना वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के एक नए युग की शुरुआत है, जहाँ समुद्री जोखिमों को भूमि आधारित बुनियादी ढांचे से बदला जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, बेसेन्ट ने ईरान की आर्थिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान वर्तमान में एक 'आर्थिक मृत्यु चक्र' (Economic Death Spiral) में फंसा हुआ है। आश्चर्यजनक रूप से, उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के मुद्दे पर अमेरिका और चीन के बीच 'मतभेदों से कहीं अधिक समानताएं' हैं, जो वैश्विक कूटनीति में एक नए मोड़ का संकेत देता है।
ऐतिहासिक रूप से, होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के कुल तेल प्रवाह का लगभग 20-30% हिस्सा संभालता रहा है। शीत युद्ध से लेकर आधुनिक युग तक, इस मार्ग पर नियंत्रण को वैश्विक प्रभुत्व का प्रतीक माना गया है। हालांकि, पाइपलाइन तकनीक और वैकल्पिक मार्गों का विकास अब इस शक्ति संतुलन को चुनौती दे रहा है।
Frequently Asked Questions
1. स्कॉट बेसेन्ट का होर्मुज के बारे में क्या मुख्य दावा है?
बेसेन्ट का दावा है कि नए पाइपलाइनों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य अगले दो वर्षों में रणनीतिक रूप से बेकार हो जाएगा।
2. क्या चीन और अमेरिका ईरान के मुद्दे पर सहमत हैं?
बेसेन्ट के अनुसार, ईरान के संबंध में अमेरिका और चीन के बीच मतभेदों की तुलना में समानताएं अधिक हैं।